रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने रिम्स में जेनेरिक दवा की दुकान अबतक शुरू नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने यह सवाल उठाया की आखिर गरीब लोगों को सस्ती दवाई कैसे उपलब्ध होगी। रिम्स की ओर से इस मामले में जवाब देने के लिए समय मांगा गया तो कोर्ट ने कहा कि बार-बार सिर्फ समय मांगा जाता है। लेकिन कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं होता है। रिम्स की ओर से बताया गया कि रांची सदर अस्पताल में जेनेरिक दवा की सप्लाई करने वाली कंपनी को ही तात्कालिक रूप से रिम्स में दवा सप्लाई करने का काम सौंपने की योजना है। अदालत ने कहा कि कोरोना के तीसरी लहर आने की संभावना है लेकिन अभीतक रिम्स में सीटी स्कैन मशीन नहीं लग पाई है, जबकि पूर्व में ही हाईकोर्ट ने इसको लेकर आदेश दे चुका है। हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि कोर्ट चाहती है कि रिम्स सभी संसाधनों से परिपूर्ण हो जाए, चाहे उपकरण, दवा या अन्य मशीनों का ही मामला क्यों ना हो। उसे किसी दूसरी कंपनी से आउटसोर्स करने की जरूरत ना पड़े।
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