Ranchi- कोराना के कारण स्कूलों के बन्द रहने से मूक-बधिर बच्चों की शिक्षा बाधित है. अभिभावक और शिक्षक दोनों ही परेशान हैं. उन्हे बच्चों की पढ़ाई की चिन्ता खाये जा रही है.
कहने को तो ऑनलाइन पढ़ाई करवायी जा रही है. लेकिन शिक्षकों और अभिभावकों की माने तो यह मात्र एक औपचारिकता ही है. ऑनलाइन माध्यम से दिव्यांग श्रेणी के बच्चों को पढ़ाना बेहद दुश्कर ही नहीं लगभग नामुमकिन है.

मूक-बधिर बच्चों की पढ़ाई से जुड़े एक शिक्षिका का कहना है कि मूक-बधिर बच्चों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई नहीं करवाना नामुमकिन है. मूक-बधिर बच्चों हमारे बॉडी लैंग्वेज से लर्न करते हैं. हमारी बॉडी लैंग्वेज से चीजों को समझते हैं. जबकि ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करने पर बच्चे सिर्फ हमारे चेहरे को देखते है. जबकि बच्चे तो हमारे पूरी बॉडी लैंग्वेज
हैरान-परेशान अभिभावकों ने बिहार की तर्ज पर जल्द से जल्द प्राथमिक स्कूलों को खोले जाने का आग्रह किया है.
रिपोर्ट- शहनवाज







