सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ियों की सीआईडी जांच, रांची में 5,000 अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

रांची: झारखंड में 21-22 सितंबर को सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर सीआईडी जांच का आदेश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिया है। शुक्रवार को कार्मिक विभाग ने सीआईडी को जांच करने के लिए आदेश की कॉपी सौंप दी, जिसमें जेएसएससी द्वारा की गई जांच के तथ्यों की जानकारी भी दी गई है।

इस परीक्षा के लिए 823 केंद्रों पर 3.04 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। हालांकि, परीक्षा में गड़बड़ियों के आरोपों ने जोर पकड़ लिया। अभ्यर्थियों ने पेपर लीक, सील टूटी हुई कापियों, और अन्य गलतियों का आरोप लगाया था। लेकिन, जेएसएससी अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि परीक्षा केंद्रों पर पेपर की सील टूटी होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि कॉपियों की जांच पूरी तरह से सीसीटीवी निगरानी में की गई थी और रोल नंबर के सीरियल में भी कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई थी।

इन आरोपों को लेकर छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, और प्रदर्शन तेज हो गया है। हजारीबाग में हाल ही में छात्रों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए गए थे, जिसके बाद पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया था। इस मामले ने विधानसभा में भी तूल पकड़ा और विपक्षी दलों ने सीबीआई जांच की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सीआईडी जांच का आदेश दिया। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने यह कदम छात्र संगठनों को शांत करने के लिए उठाया है, ताकि उनके विरोध को नियंत्रित किया जा सके।

इस बीच, 15 दिसंबर को रांची में सीजीएल परीक्षा के परिणाम को रद्द करने की मांग को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। अनुमान है कि 5,000 से अधिक अभ्यर्थी नामकुम स्थित जेएसएससी कार्यालय के पास जुटेंगे। इसके लिए अभ्यर्थी 14 दिसंबर की शाम को ही रांची पहुंच जाएंगे। इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए रांची प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाए हैं और जेएसएससी कार्यालय के 500 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी है, जो 20 दिसंबर तक प्रभावी रहेगी।

इस आंदोलन का मकसद सीजीएल परीक्षा के परिणाम को रद्द कराए जाने की है, और इसको लेकर अभ्यर्थियों में भारी गुस्सा है। इसके अलावा, 16 से 20 दिसंबर तक चयनित अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्रों की जांच कराने का समय दिया गया है, और जो अभ्यर्थी इस अवधि में सर्टिफिकेट जांच नहीं करा पाएंगे, उनके लिए 26 और 27 दिसंबर का समय निर्धारित किया गया है।

सीजीएल परीक्षा को लेकर जारी विवाद ने राज्य की राजनीति और प्रशासन को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा सीआईडी जांच का आदेश दिए जाने के बावजूद, अभ्यर्थियों के विरोध के स्वर तीव्र हो गए हैं, और वे लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

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