मुजफ्फरपुर : आई हॉस्पिटल में आंखफोड़वा कांड की जांच रिपोर्ट आ गई है. जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है. इसके साथ ही टीम ने आंखफोड़वा कांड की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है. जिला स्तरीय चार सदस्यीय टीम ने सोमवार को सिविल सर्जन डॉ. विनय कुमार शर्मा को जांच रिपोर्ट सौंप दी है.
जांच में स्पष्ट रुप से बताया गया है कि आई हॉस्पिटल का ऑपरेशन थिएटर संक्रमित था. जांच में दो प्रकार के जीवाणु मिले हैं जो टेबल पर पाए गए थे. उसी टेबल पर मरीजों का ऑपरेशन हुआ था. इससे ये जीवाणु उनकी आंखों तक पहुंचे. इसकी जानकारी सिविल सर्जन ने दी है और बताया कि दोनों जीवाणु का नाम स्यूडोमोनास और स्टाफाइलोंकोक जीवाणु है. यह दोनों काफी खतरनाक होते हैं और एक से दो दिनों में मरीज को बहुत नुकसान पहुंचा सकते हैं. सिविल सर्जन ने कहा कि जांच से पूरी टीम काफी संतुष्ट है इसे मुख्यालय भेजने की पहल की जा रही है.
सिविल सर्जन विनय कुमार शर्मा ने बताया कि जांच में आई हॉस्पिटल का ऑपरेशन थिएटर जीवाणु से संक्रमित मिला है. इसी के चलते कई लोगों की आंखों की रोशनी चली गई. उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट को मुख्यालय भेजने की तैयारी है. जल्द ही जांच रिपोर्ट को मुख्यालय भेज दिया जाएगा.
बता दें कि मुजफ्फरपुर स्थित सीजेएम कोर्ट में आचार्य चंद्र किशोर परासर की ओर से आई हॉस्पिटल मामले में 23 लोगों पर परिवाद दायर किया गया. तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त और अध्यक्ष प्रबंधन समिति मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल, जिलाधिकारी और अध्यक्ष जिला स्वास्थ समिति समेत आई हॉस्पिटल के प्रबंधन समिति के सभी सदस्यों को इस परिवाद में आरोपी बनाया गया है.
रिपोर्ट : विशाल

















