झारखंड सरकार ने JPSC के पुनर्गठन का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा है। 25 अगस्त की बैठक में अध्यक्ष और तीन सदस्यों की नियुक्ति पर चर्चा होने की संभावना है।
JPSC Reconstitution रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC के पुनर्गठन की दिशा में राज्य सरकार ने कदम बढ़ा दिया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने आयोग के पुनर्गठन से संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट को भेज दिया है। प्रस्ताव में मौजूदा घटनाक्रम और सीआईडी जांच का हवाला देते हुए कहा गया है कि जेपीएससी अध्यक्ष और तीनों सदस्यों के इस्तीफा देने के बाद आयोग निष्क्रिय हो गया है।
राज्य में आने वाले समय में जेपीएससी को कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं का संचालन करना है। ऐसे में आयोग का जल्द पुनर्गठन जरूरी माना गया है। हालांकि, कैबिनेट को भेजे गए प्रस्ताव में अध्यक्ष या सदस्यों के नाम का सुझाव नहीं दिया गया है।
JPSC Reconstitution:25 अगस्त की कैबिनेट बैठक में नियुक्ति पर चर्चा
जानकारी के अनुसार, जेपीएससी के पुनर्गठन को लेकर मुख्य सचिव अविनाश कुमार और कार्मिक विभाग के अधिकारियों के बीच पहले ही मंत्रणा हो चुकी है। अब 25 अगस्त को होने वाली कैबिनेट बैठक में जेपीएससी अध्यक्ष और तीन सदस्यों की नियुक्ति को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
सरकार के सामने आयोग के गठन को लेकर आगे की प्रक्रिया तय करने की चुनौती है, क्योंकि जेपीएससी को आने वाले समय में कई परीक्षाएं आयोजित करनी हैं।
Key Highlights
JPSC के पुनर्गठन का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा गया
अध्यक्ष और तीनों सदस्यों के इस्तीफे के बाद आयोग निष्क्रिय
25 अगस्त की कैबिनेट बैठक में नियुक्ति पर हो सकती है चर्चा
प्रस्ताव में अध्यक्ष और सदस्यों के नाम नहीं सुझाए गए
सरकार के सामने आयोग के पुनर्गठन के दो विकल्पों पर विचार
JPSC Reconstitution:अध्यक्ष और तीनों सदस्यों के इस्तीफे से आयोग निष्क्रिय
कार्मिक विभाग के प्रस्ताव में कहा गया है कि वर्तमान घटनाक्रम और सीआईडी जांच के बीच जेपीएससी अध्यक्ष और तीनों सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। इसके कारण आयोग के कामकाज पर असर पड़ा है और वह प्रभावी रूप से निष्क्रिय हो गया है।
सरकार का मानना है कि परीक्षा संचालन और अन्य संवैधानिक जिम्मेदारियों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति जरूरी है।
JPSC Reconstitution:पुनर्गठन के लिए दो विकल्पों पर विचार
जेपीएससी के पुनर्गठन को लेकर सरकार के स्तर पर दो विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। पहले विकल्प के तहत राज्य सरकार कैबिनेट की बैठक में अध्यक्ष और सदस्यों के नामों को मंजूरी देकर संबंधित फाइल राज्यपाल के पास भेज सकती है।
अगली प्रक्रिया और दूसरे विकल्प को लेकर अंतिम निर्णय सरकार के स्तर पर होना है। फिलहाल कैबिनेट को भेजे गए प्रस्ताव में किसी व्यक्ति का नाम नहीं सुझाया गया है। 25 अगस्त की बैठक के बाद जेपीएससी के नए अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।


















