Deoghar Sub Health Centre Construction: सारठ विधानसभा क्षेत्र की झीलूवा पंचायत के बड़ा कोलहड़िया गांव में जिला परिषद विभाग की ओर से करीब 55 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे उप स्वास्थ्य केंद्र भवन के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में कथित अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। सबसे गंभीर आरोप भवन की नींव को लेकर लगाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण स्थल पर नींव की पर्याप्त खुदाई किए बिना ही जमीन पर टाइबिंग का काम किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य पर जताई नाराजगी
उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। लेकिन निर्माण कार्य को लेकर सामने आए आरोपों से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। उनका आरोप है कि निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की मौके पर जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भवन का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार किया जा रहा है या नहीं।
नींव की खुदाई नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों ने भवन निर्माण में नींव नहीं खोदे जाने का आरोप लगाकर सबसे गंभीर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जमीन पर ही टाइबिंग का कार्य किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार यदि निर्माण कार्य में नींव की प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं अपनाई गई है, तो इससे भविष्य में भवन की मजबूती को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। इसी वजह से ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। हालांकि, निर्माण कार्य में लगाए गए आरोपों को लेकर संबंधित संवेदक या विभागीय अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए ग्रामीणों के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्रदर्शन कर ग्रामीणों ने काम कराया बंद
निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश उस समय बढ़ गया, जब उन्होंने मौके पर प्रदर्शन करते हुए निर्माण कार्य बंद करा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि सरकारी राशि से तैयार होने वाली स्वास्थ्य सुविधा की इमारत में गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पूरे मामले की जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
उपायुक्त और अधिकारियों से जांच की मांग
ग्रामीणों ने देवघर उपायुक्त देवघर तथा संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि 55 लाख रुपये की लागत से बन रहे भवन के निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी प्रक्रिया की जांच जरूरी है। स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री, नींव और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच के बाद निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य सुविधा से जुड़ी योजना, गुणवत्ता पर नजर जरूरी
बड़ा कोलहड़िया गांव में प्रस्तावित उप स्वास्थ्य केंद्र स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा साबित हो सकता है। ऐसे में ग्रामीण चाहते हैं कि भवन का निर्माण मजबूत और निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। फिलहाल ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद निर्माण कार्य रुक गया है। अब पूरे मामले में विभागीय जांच और अधिकारियों की कार्रवाई पर नजर रहेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि निर्माण कार्य में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे भवन निर्माण किस तरह कराया जाएगा।



















