झारखंड के 49 शहरी निकायों में आवारा और सामुदायिक कुत्तों के लिए ABC कार्यक्रम लागू होगा। नसबंदी, एंटी रेबीज वैक्सीनेशन और GIS मैपिंग की जाएगी।
Jharkhand ABC Program रांची: झारखंड के शहरी क्षेत्रों में आवारा और सामुदायिक कुत्तों की बढ़ती संख्या, डॉग बाइट और रेबीज की रोकथाम के लिए राज्य सरकार व्यापक एनिमल बर्थ कंट्रोल यानी ABC कार्यक्रम लागू करने जा रही है। नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत नगर प्रशासन निदेशालय ने राज्य के सभी 49 शहरी स्थानीय निकायों में कार्यक्रम संचालित करने के लिए एजेंसियों के इंपैनलमेंट का प्रस्ताव जारी किया है।
कार्यक्रम के तहत कुत्तों को वैज्ञानिक और मानवीय तरीके से पकड़कर नसबंदी, एंटी रेबीज वैक्सीनेशन, डीवॉर्मिंग और आवश्यक उपचार किया जाएगा। स्वस्थ होने के बाद उन्हें सामान्यतः उसी स्थान पर वापस छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था।
Jharkhand ABC Program: नसबंदी के साथ 100 प्रतिशत एंटी रेबीज वैक्सीनेशन
सरकार का उद्देश्य सिर्फ आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि रेबीज की रोकथाम और सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना भी है। कार्यक्रम को एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स, 2023, एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के संशोधित 2025 मॉड्यूल और नेशनल एक्शन प्लान फॉर डॉग मेडिएटेड रेबीज एलिमिनेशन के अनुरूप लागू किया जाएगा।
चयनित एजेंसी को कुत्तों को मानवीय तरीके से पकड़कर एबीसी सेंटर तक पहुंचाना होगा। वहां नसबंदी, एंटी रेबीज टीकाकरण, डीवॉर्मिंग, कान में पहचान चिह्न लगाने और ऑपरेशन से पहले तथा बाद में आवश्यक उपचार की व्यवस्था करनी होगी। नसबंदी किए गए प्रत्येक कुत्ते को एंटी रेबीज वैक्सीन देना अनिवार्य होगा।
पिल्लों, गर्भवती कुत्तियों और छह महीने से कम उम्र के कुत्तों को नसबंदी के लिए नहीं पकड़ा जाएगा। ऑपरेशन के बाद प्रत्येक कुत्ते को कम से कम चार दिन निगरानी में रखना होगा। इस दौरान भोजन, साफ पानी, घाव की देखभाल और स्वास्थ्य की रोजाना निगरानी की जाएगी।
Key Highlights
झारखंड के सभी 49 शहरी निकायों में लागू होगा ABC कार्यक्रम
आवारा कुत्तों की नसबंदी के साथ 100 प्रतिशत एंटी रेबीज वैक्सीनेशन
पिल्लों, गर्भवती कुत्तियों और छह महीने से कम उम्र के कुत्तों को नहीं पकड़ा जाएगा
हर वार्ड में GIS Mapping से कुत्तों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा
नसबंदी के बाद कुत्तों को सामान्यतः उसी स्थान पर वापस छोड़ा जाएगा
Jharkhand ABC Program: 49 निकायों में एबीसी सेंटर, एजेंसी देगी संसाधन
प्रस्ताव के अनुसार, सभी 49 शहरी निकायों में एबीसी सेंटर स्थापित और संचालित करने की जिम्मेदारी चयनित एजेंसियों की होगी। स्थानीय निकाय बिजली, पानी, स्वच्छता, सड़क और भवन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।
एजेंसी को ऑपरेशन थिएटर, सर्जिकल उपकरण, वाहन, दवाएं, वैक्सीन, कंप्यूटर, केनेल और कर्मचारियों समेत अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने होंगे। प्रत्येक एबीसी सेंटर में कम से कम एक प्रोजेक्ट मैनेजर, दो पशु चिकित्सक और दो पैरावेट या वेटरिनरी असिस्टेंट अथवा नर्सिंग स्टाफ रखने का प्रावधान किया गया है।
निकाय की श्रेणी के अनुसार डॉग कैचर, ड्राइवर, एनिमल हैंडलर और डाटा एंट्री ऑपरेटर समेत अन्य सपोर्ट स्टाफ भी तैनात किए जाएंगे।
Jharkhand ABC Program: GIS Mapping से हर कुत्ते का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
योजना के तहत प्रत्येक वार्ड में आवारा और सामुदायिक कुत्तों की गणना के साथ GIS मैपिंग की जाएगी। कुत्ते को पकड़ने और वापस छोड़ने की जगह का GPS रिकॉर्ड रखा जाएगा। नसबंदी, टीकाकरण, ऑपरेशन और उपचार से जुड़ी जानकारी डिजिटल डेटाबेस में दर्ज होगी।
पहचान के लिए कॉलर या टैग पर स्थानीय निकाय द्वारा निर्धारित 12 अंकों की पहचान संख्या देने का प्रावधान है। कुत्तों को पकड़ने से पहले संबंधित क्षेत्रों में सूचना देने, लोगों को एबीसी कार्यक्रम की जानकारी देने, शिकायतों का समाधान करने और जागरूकता अभियान चलाने की जिम्मेदारी भी चयनित एजेंसी की होगी।


















