HMPV का संक्रमण 5 दिनों में होगा ठीक, यूपी में जागरूकता कार्यक्रम शुरू

वाराणसी / लखनऊ । HMPV का संक्रमण 5 दिनों में होगा ठीक, यूपी में जागरूकता कार्यक्रम शुरू। HMPV (ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस) ने चीन में आतंक का पर्याय बनने के बाद दुनिया के कई देशों में धमक देना शुरू कर दिया है। इस वायरस  से होने वाले नई बीमारी को लेकर लोगों में खौफ भी देखने को मिल रहा है। लोग इसे कोरोना सरीखा या उससे भी अधिक गंभीर मान रहे हैं।

भारत में भी इस वायरस के  संक्रमण के कुछ मामले तमिलनाडु, कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र में सामने आने जहां केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय अलर्ट मोड पर है, वहीं यूपी में भले ही एक भी केस ना मिला हो लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल पर पूरे प्रदेश में HMPV को जागरूकता कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है।

लोगों को बताया जा रहा है कि HMPV का हौव्वा ना पालें और इसके लक्षण को पहचानते हुए तुरंत उपचार शुरू करें तो HMPV का संक्रमण 5 दिनों में ही ठीक हो जाएगा।

गलन वाली ठंड में देखने को मिल सकता है HMPV का संक्रमण !

यूपी में सीएम योगी की पहल की शुरू हुए HMPV संबंधी जागरूकता कार्यक्रम के तहत केंद्रीय और राज्य सरकारी चिकित्सालयों में पहुंच रहे मरीजोंं एवं उनके परिजनों को इस संबंध में जागरूक किया जाना शुरू कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि HMPV के लक्षण ज्यादातर 14 साल से कम उम्र के बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवतियों में ही दिखते हैं। करीब  24 साल पुराने इस  HMPV वायरस के संक्रमण से खांसी, बुखार, नाक बंद होना और सांस लेने में दिक्कत होती है। गलन भरी ठंड के साथ ही वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और लखनऊ के अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है।

खासतौर पर बुजुर्ग और बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। यूपी के राजकीय चिकित्सालयों में तैनात डॉक्टरों के अनुसार सर्दी, जुकाम होने पर लापरवाही के कारण तबीयत बिगड़ रही है। ऐसे में तबीयत खराब होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

कोविड की ही तरह फैलता है चीन से निकलकर दुनिया में आतंक मचा रहे HMPV का संक्रमण

इसी क्रम में यूपी के राजकीय चिकित्सकों की ओर से अस्पतालों में पहुंच रहे मरीजों एवं परिजनों को HMPV का संक्रमण के बचने के जरूरी ऐहतियात की जानकारी दी जा रही है। उन्हें बचाव के लिए कोरोना कालखंड वाली ही सावधानियों को अपनाने एवं तनिक भी ना घबराने की सलाह दी जा रही है ताकि अनावश्यक का लोगों में पैनिक ना हो।

बताया जा रहा है कि कोविड की तरह ही यह भी संक्रमित से दूसरे तक पहुंचता है। ऐसे में भीड़भाड़ में जाने से बचें और सर्दी-जुकाम-खांसी पीड़ित से दूरी बनाकर रखें। सर्दी-जुकाम के मरीज मास्क का प्रयोग करें। पहले से किसी गंभीर रोग से पीड़ितों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए।

HMPV को लैकर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों के स्वास्थ्य अधिकारियों  को दिए जरूरी परामर्श…

बता दें कि देश में HMPV के चंद केस मिलते ही तत्काल केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने  राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एक डिजिटल बैठक की। बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने देश में सांस संबंधी बीमारियों और एचएमपीवी मामलों और उनके प्रबंधन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों का जायजा लिया गया।

बैठक में स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव डॉ. राजीव बहल, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. अतुल गोयल, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) और आईडीएसपी की राज्य निगरानी इकाइयों के विशेषज्ञ शामिल हुए।

यह बैठक चीन में HMPV मामलों में वृद्धि की खबरों के बीच आयोजित की गई थी तथा उसी दिन कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात में एचएमपीवी के पांच मामलों की पुष्टि हुई थी। HMPV को वैश्विक स्तर पर सांस संबंधी वायरस कहा जाता है। यह एक संक्रामक रोगाणु है जो किसी भी आयु वर्ग के लोगों में सांस संबंधी संक्रमण का कारण बन सकता है।

 

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