पटना: बीपीएससी 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा रद्द कर दुबारा आयोजित करने की मांग को लेकर जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर पिछले 2 जनवरी से आमरण अनशन पर थे। हालांकि उनके आमरण अनशन को राज्य सरकार और बीपीएससी ने गंभीरता से नहीं लिया और चार जनवरी को एक रद्द परीक्षा केंद्र के अभ्यर्थियों की परीक्षा ली गई। मामले में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की अपील पर प्रशांत किशोर ने गुरुवार को गंगा स्नान और हवन करने के बाद जूस पीकर अपना अनशन समाप्त किया।
अनशन समाप्त करने के बाद प्रेस वार्ता करते हुए प्रशांत किशोर ने अपनी आगे की रणनीति बताई। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी हमला किया और कहा कि हर तरफ यह चर्चा हो रही है कि मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। वे राज्य के 13 करोड़ लोगों के नेतृत्वकर्ता हैं ऐसे में उनका बीमार होना चिंताजनक है।
प्रशांत किशोर ने राज्य के वरीय अधिकारियों से मांग की कि चिकित्सकों की एक टीम गठित कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की स्वास्थ्य जांच की जाए। प्रशांत किशोर ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग की। अब प्रशांत किशोर का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ऊपर तीखे हमले को लेकर अब एनडीए प्रशांत किशोर को घेरने में जुट गई है। एक तरफ जदयू ने प्रशांत किशोर को व्यक्तिगत टिप्पणी करने से बचने की नसीहत दी तो दूसरी तरफ भाजपा ने प्रशांत किशोर को चेतावनी दी।
जदयू के प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने प्रशांत किशोर पर हमला करते हुए कहा कि जब नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर को अपने साथ बुलाया तब प्रशांत किशोर ने उन्हें अपने पिता के समान बताया था और अब वही प्रशांत किशोर अपने पिता समान व्यक्ति पर इस तरह की गन्दी टिप्पणी कर रहे हैं। वहीं भाजपा के नेता एवं बिहार सरकार में मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि प्रशांत किशोर अपनी मर्यादा में रहें।
अनशन की वजह से उनकी खुद की मानसिक स्थिति कमजोर हो गई है। सीएम एकदम फिट हैं और वे राज्य के लोगों की भलाई के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। अगर पीके की हालत ठीक नहीं तो बताएं मैं उन्हें कोइलवर अस्पताल में भर्ती करवा दूंगा।
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