Bihar में आई बेमौसम बाढ़, शोक ने किसानों को एक बार फिर रुलाया

दरभंगा: कोसी नदी को Bihar का शोक कहा जाता है और यह बिहार में एक बार फिर देखने को मिल रहा है। दरभंगा में अचानक बेमौसम बाढ़ आ गई है। बाढ़ की वजह से सैकड़ों एकड़ खेतों में लगी फसल डूब गई। बेमौसम बाढ़ की वजह से स्थानीय लोगों में एक तरफ जहां उहापोह की स्थिति उत्पन्न हो गई है तो दूसरी तरफ फसल डूब जाने से शोक की लहर भी दौड़ गई। बाढ़ दरभंगा जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर किरतपुर प्रखंड क्षेत्र में आई है जिसकी वजह से निचले क्षेत्र के खेतों में लगी गेहूं, मक्का समेत दलहन और तेलहन की फसल डूब गई।

बेमौसम बाढ़ की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया और आनन फानन में स्थानीय अंचलाधिकारी बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का मुआयना करने पहुंचे। बताया जा रहा है कि किरतपुर प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली गेहुआं नदी में अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ की वजह से तटबंध के इलाके के सैकड़ों एकड़ खेत पानी में डूब गये जिसकी वजह से खेतों में लहरा रही गेंहू, मक्का, सरसों समेत विभिन्न दलहन और तेलहन का फसल डूब गया।

बाढ़ का पानी तटीय झगरुआ, तरवारा, कुबौल, ढंगा, तेतरी, भुभौल, जगसो समेत दर्जनों गांव के खेतों में घुस गया है जिसकी वजह से अब किसान माथा पीटने को मजबूर हैं। स्थानीय किसानों ने कहा कि अक्टूबर महीने के बाढ़ में कोसी का पश्चिमी तटबंध टूट गया था जिसकी मरम्मत अभी तक नहीं करवाई गई। अक्टूबर में आई बाढ़ का दंश स्थानीय लोगों ने तो झेला ही और उससे उबरने की कोशिश कर ही रहे थे कि एक बार फिर कोसी नदी का पानी टूटे तटबंध के रास्ते गेहुआं नदी में होते हुए एक बार फिर खेतों में घुस आया है।

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किसानों ने कहा कि अधिकांश लोगों ने कर्ज लेकर खेती की थी और अब बाढ़ में फसल डूब जाने की वजह से उनके ऊपर संकट मंडराने लगा है। महिला किसान मूर्ति देवी ने बताया कि अक्टूबर में कोसी के दंश के बाद जैसे तैसे हमने हिम्मत कर कर्ज लेकर खेती की थी। अब एक बार फिर हमारी फसलें बाढ़ के गाल में समा गई। हमारा सारा फसल बर्बाद हो गया है। बाढ़ की वजह से अगर हमलोगों को उचित क्षतिपूर्ति सरकार की तरफ से नहीं की जाती है तो मजबूरन हमलोगों को अपना जमीन बेचना पड़ेगा तब जा कर कर्ज से मुक्ति मिलेगी।

फसल बर्बाद होने की वजह से किसानों के समक्ष भुखमरी की स्थिति पैदा होगी वह अलग से एक आपदा है। वहीं एक अन्य महिला किसान सीता देवी ने बताया कि कर्ज लेकर दो एकड़ खेत में मक्का की खेती की थी, अब बेमौसम बाढ़ की वजह से फसल बर्बाद हो गया। गेहुआं नदी में आई बाढ़ की वजह से हमलोगों के सामने भुखमरी की स्थिति होगी और हमलोग मरने को विवश होंगे। किरतपुर अंचल के अंचलाधिकारी आशुतोष सहनी ने बताया कि गेहुआं नदी में अचानक बाढ़ आ गई है जिसकी वजह से तटबंध के इलाके में लगी सैकड़ों एकड़ खेत में लगी फसल बर्बाद हो गई है।

बाढ़ की जानकारी मिलने के बाद क्षति का आकलन किया जा रहा है, फिर रिपोर्ट वरीय पदाधिकारी को भेजी जाएगी। बता दें कि बेमौसम बाढ़ से ग्रस्त इलाका कोसी नदी और कमला नदी के मध्य स्थित है जिसकी वजह से दोनों नदियों में आई बाढ़ की मार यहां के लोगों को झेलना पड़ता है। अक्टूबर महीने में आई बाढ़ के दौरान इन क्षेत्रों में दोनों नदियों की पानी ने कोहराम मचाया था। इसी दौरान कोसी नदी पर बना तटबंध टूट गया था जिसकी मरम्मत अभी तक नहीं कराई गई है। अब अचानक कोसी नदी में जलस्तर में बढ़ोतरी की वजह से गेहुआं नदी में पानी बढ़ गया और पूरे इलाके में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

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दरभंगा से वरुण ठाकुर की रिपोर्ट

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