महाकुंभ में भगदड़ के बाद टला अखाड़ों का स्नान 11 बजे से शुरू होगा, CM Yogi के साथ ही अखिलेश यादव और धर्माचार्यों ने श्रद्धालुओं से की अपील

प्रयागराज : महाकुंभ में भगदड़ के बाद टला अखाड़ों का स्नान 11 बजे से शुरू होगा, CM Yogi के साथ ही अखिलेश यादव और धर्माचार्यों ने श्रद्धालुओं से की अपील। महाकुंभ 2025 में मौनी अमावस्या पर भारी भीड़ के दबाव के बीच बुधवार तड़के 1 से 2 बजे के बीच मची भगदड़ में 20 श्रद्धालुओं के मरने की आशंका एवं बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की सूचना के बाद सभी 13 अखाड़ों ने अपना अमृत स्नान कार्यक्रम अगली सूचना तक के लिए टाल दिया था।

संगम नोज पर नहाने के लिए निकले नागा साधुओं का जत्था भी इस सूचना के मिलते ही तुरंत अपने शिविरों को लौट गया था। अब हालात सामान्य होने की सूचना मिलने के बाद महाकुंभ नगर मेला क्षेत्र में सभी 13 अखाड़ों के संतों से CM Yogi आदित्यनाथ ने बातचीत की है।

CM Yogi से हुई बातचीत में अखाड़ों के बीच स्नान के लिए सहमति बनी है और तय हुआ है कि दिन 11 बजे के बाद अखाड़ों के साधु संत क्रमवार तरीके से मौनी अमावस्या पर तय क्रम के मुताबिक शिविरों से अमृत स्नान के लिए जाएंगे।

भगदड़ के समय महाकुंभ में थे करोड़ों श्रद्धालु…

महाकुंभ में मौनी अमावस्या की सुबह पौ फटने के कुछ घंटे पहले ही मेला क्षेत्र में तड़के 1 से 2 बजे के बीच भगदड़ वाला हादसा संगम नोज पर 11 से 17 नंबर पोल के बीच हुआ। उसके बाद तो पूरे मेला परिसर में अचानक से अफरातफरी की स्थिति मची। किसी को कुछ सूझ ही नहीं रहा था कि करना क्या है और श्रद्धालुओं की भीड़ अनियंत्रित होकर इधर-उधर सुरक्षित ठौर की तलाश में भागने लगी थी।

बताया जा रहा है कि हादसे के समय मेला परिसर में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।  भगदड़ मचने से लोग एक-दूसरे को कुचलते हुए निकलने लगे। इसके बाद को स्थिति का सही आकलन कर जब मेला प्रबंधन और प्रशासन अपने राहत और बचाव कार्य में जुटने लगा तो आरंभिक तौर पर थोड़ी परेशानी जरूर आई।

उसके बाद लगातार एंबुलेंस से घायल अस्पताल ले जाए जाने लगे। सभी घायलों को मेला क्षेत्र में बने केंद्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मेला स्थल पर जमीन पर गिरे मृतकों और घायलों को स्ट्रेचर पर लादकर मौके से पूरी तरह हटाने के बाद हालात कुछ काबू हुए।

महाकु्ंभ में मौनी अमावस्या के तड़के मची भगदड़ के बाद बिना स्नान किए अपने शिविरों को लौटते नागा साधु।
महाकु्ंभ में मौनी अमावस्या के तड़के मची भगदड़ के बाद बिना स्नान किए अपने शिविरों को लौटते नागा साधु।

महाकुंभ : भगदड़ के बाद अखाड़ों ने तुरंत टाल दिया अपना अमृत स्नान कार्यक्रम

संगम पर भगदड़ मचने के बाद पैदा हुई अव्यस्था को संभालने के बाद प्रशासन ने तीनों शंकराचार्यों ने एक साथ स्नान करने की तैयारी की है। तीनों शंकराचार्य द्वारका पीठ के स्वामी सदानंद सरस्वती, ज्योतिषपीठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और श्रृंगेरी मठ के विधु शेखर भारती एक साथ सेक्टर 22 से संगम के लिए सुबह 11 बजे रवाना होंगे।

जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने भी कहा कि हमने फिलहाल सांकेतिक स्नान किया है। इससे पहले अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के एलान के बाद महानिर्वाणी अखाड़ा अपना जुलूस बीच रास्ते से ही वापस लेकर छावनी लौट आया वहीं जूना अखाड़े ने भी अपना जुलूस छावनी में वापस बुला लिया। हादसे की सूचना मिलने के बाद अंजलि अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशनंद गिरि भी साथ छावनी  पहुंचे।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा कि – ‘…संगम नोज पर अत्यधिक भीड़ होने की वजह से अखाड़े ने अपना अमृत स्नान टाल दिया था। भीड़ कम होने की स्थिति पर अखाड़े के साधु सन्यासी अमृत स्नान के लिए निकलेंगे, फिलहाल अमृत स्नान रद्द कर दिया गया था। इस वक्त 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज में हैं। इतनी बड़ी तादाद में भीड़ को कंट्रोल करना मुश्किल होता है। हमारे साथ लाखों की संख्या में संतों का हुजूम है। हमारे लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है’।

इससे पहले बुधवार तड़के भगदड़ वाले हादसे के तुरंत बादअखिल भारती य अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा था कि – ‘…आपने देखा होगा कि सुबह क्या हुआ, और इसीलिए हमने फैसला किया है। जब हमें इस घटना के बारे में सूचित किया गया तो हमारे सभी साधु-संत ‘स्नान’ के लिए तैयार थे। इसलिए हमने फोन करने का फैसला किया है ‘मौनी अमावस्या’ पर हमारे ‘स्नान’ बंद रहेंगे।

…जो घटना हुई उससे हम दुखी हैं। हमारे साथ हजारों भक्त थे इसलिए सार्वजनिक हित में, हमने फैसला किया कि अखाड़े अमृत स्नान में भाग नहीं लेंगे। आज मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे आज के बजाय वसंत पंचमी पर स्नान के लिए आएं। साथ ही, यह घटना इसलिए हुई क्योंकि श्रद्धालु संगम घाट तक जाना चाहते थे, इसके बजाय उन्हें पवित्र गंगा जहां भी दिखे, डुबकी लगा लेनी चाहिए।

…यह प्रशासन की गलती नहीं है। करोड़ों लोगों को संभालना आसान नहीं है। हमें अधिकारियों के साथ सरकार का सहयोग करना चाहिए’। 

दूसरी ओर महाकुंभ में भगदड़ में हुई मौतों पर पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के महामंडलेश्वर प्रेमानंद पुरी रो पड़े। उन्होंने कहा कि – ‘…हमने पहले ही कहा था कि कुंभ की सुरक्षा को आर्मी के हवाले किया जाए, लेकिन किसी ने हमारी नहीं सुनी। प्रशासन पूरी तरह फेल साबित हुआ है।

…प्रशासन सिर्फ वीआईपी की जी हुज़ूरी में लगा रहा। इसके अलावा उन्हें कुंभ से कोई मतलब नहीं है। किसी का बेटा चला गया तो किसी का बाप चला गया। पिछले स्नान के बाद ही हमने प्रशासन को सचेत किया था’।

महाकुंभ में भगदड़ के बाद हालात संभालने को तैनात सुरक्षा बल
महाकुंभ में भगदड़ के बाद हालात संभालने को तैनात सुरक्षा बल

CM Yogi के साथ ही अखिलेश यादव और धर्मार्चायों ने की श्रद्धालुओं से विशेष अपील…

महाकुंभ में भगदड़ के हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य की लगातार निगरानी करने एवं स्नान के अनुष्ठान को सुचारू करने में प्रयासरत CM Yogi आदित्यनाथ ने एकाधिक बार श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देते हुए निकटस्थ घाट पर स्नान का पुण्य लाभ उठाने की अपील की है।

CM Yogi ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि – ‘…सभी से अपील है कि व्यवस्था बनाने में सहयोग करें। महाकुंभ में श्रद्वालुओं की भारी भीड़ है। रात 1 से 1.30 के बीच ये हादसा हुआ है। कल 5.50 करोड़ श्रद्वालुओं ने स्नान किया है। भारी भीड़ की वजह से बैरिकेड टूट गया। घायलों लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

…PM Modi ने 4 बार फोन किया। वह हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। श्रद्धालुगण संगम नोज जाने के बजाय निकट के घाट पर स्नान कर लें। स्नान के लिए कई घाट बनाए गए हैं। लोग वहां स्नान कर सकते हैं। 

…इस मामले में प्रशासन के नियमों का ध्यान रखें और किसी प्रकार की अफवाह में न आएं। …श्रद्धालुगण मां गंगा के जिस भी घाट के समीप हैं, वहीं स्नान करें। संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें। स्नानार्थियों के लिए कई घाट बनाए गये हैं, जहां सुविधाजनक रूप से स्नान किया जा सकता है’। 

महाकुंभ में मची भगदड़ के बाद संगम क्षेत्र पर बिखरे पड़े श्रद्धालुओं के सामान और गट्ठर।
महाकुंभ में मची भगदड़ के बाद संगम क्षेत्र पर बिखरे पड़े श्रद्धालुओं के सामान और गट्ठर।

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) मुखिया अखिलेश यादव ने महाकुंभ में भगदड़ के हादसे के बाद श्रद्धालुओं से विशेष अपील जारी करते हुए कहा कि – ‘महाकुंभ में अव्यवस्थाजन्य हादसे में श्रद्धालुओं के हताहत होने का समाचार बेहद दुखद है। …श्रद्धांजलि। …श्रद्धालुओं से भी हमारी अपील है कि वो इस कठिन समय में संयम और धैर्य से काम लें और शांतिपूर्वक अपनी तीर्थयात्रा संपन्न करें।

…सरकार आज की घटना से सबक लेते हुए श्रद्धालुओं के रुकने, ठहरने, भोजन-पानी व अन्य सुविधाओं के लिए अतिरिक्त प्रबंध करे। हादसे में आहत हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना। हमारी सरकार से अपील है कि गंभीर रूप से घायलों को एअर एंबुलेंस की मदद से निकटतम सर्वश्रेष्ठ हॉस्पिटलों तक पहुंचाकर तुरंत चिकित्सा व्यवस्था की जाए।

…मृतकों के शवों को चिन्हित करके उनके परिजनों को सौंपने और उन्हें उनके निवास स्थान तक भेजने का प्रबंध किया जाए। ⁠जो लोग बिछड़ गये हैं, उन्हें मिलाने के लिए त्वरित प्रयास किये जाएं। हैलीकाप्टर का सदुपयोग करते हुए निगरानी बढ़ाई जाए। सतयुग से चली आ रही शाही स्नान की अखण्ड-अमृत परंपरा को निरंतर रखते हुए, राहत कार्यों के समानांतर सुरक्षित प्रबंधन के बीच मौनी अमावस्या के शाही स्नान को संपन्न कराने की व्यवस्था की जाए’।

महाकुंभ में मची भगदड़ के बाद संगम क्षेत्र पर सुरक्षा बलों ने चलाया राहत एवं बचाव कार्य।
महाकुंभ में मची भगदड़ के बाद संगम क्षेत्र पर सुरक्षा बलों ने चलाया राहत एवं बचाव कार्य।

स्वामी रामभद्राचार्य ने महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि – ‘…सभी लोग संगम में स्नान का आग्रह छोड़ दें और निकटतम घाट पर स्नान करें। लोग अपने शिविर से बाहर न निकलें। अपनी और एक दूसरे की सुरक्षा करें। वैष्णव सम्प्रदाय के प्रमुख संत की हैसियत से सभी अखाड़ों और श्रद्धालुओं से अफवाहों से बचने का आह्वान करता हूं’। 

इस बीच महाकुंभ नगर में मौजूद अखाड़ा परिषद के महामंत्री और जूना अखाड़े के संरक्षक महंत हरि गिरि ने अपील की है कि- ‘…लोग जहां भी हैं, वहीं गंगा में स्नान करके अपने घर लौट जाएं। प्रयागराज की सीमा के अंदर हो या बाहर, गंगा स्नान करने पर वही पुण्य मिलेगा’।

बाबा रामदेव ने कहा है कि – ‘…करोड़ों श्रद्धालुओं के इस हुजूम को देखते हुए हमने फिलहाल केवल सांकेतिक स्नान किया है। इसके साथ ही समूचे राष्ट्र और विश्व के कल्याण की कामनाा की गई है। सभी से आग्रह है कि हम भक्ति के अतिरेक में न बहें और आत्म अनुशासन का पालन करते हुए सावधानी पूर्वक स्नान करें’।

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