रांची: होटवार जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा कैदी समीर तिर्की 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गया। इस घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और जेल आईजी ने सख्त कदम उठाते हुए वार्ड नंबर 12 की सुरक्षा में तैनात छह पुलिसकर्मियों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया।
कैसे फरार हुआ कैदी समीर तिर्की?
समीर तिर्की गुमला जिले के बृंदा भंडारा टोली का निवासी है। वर्ष 2013 में अपहरण और हत्या के मामले में उसे गिरफ्तार कर गुमला जेल भेजा गया था। बाद में 2018 में उसे होटवार जेल ट्रांसफर कर दिया गया। जेल प्रशासन ने उसे अन्य कैदियों की निगरानी और वार्ड खोलने-बंद करने की जिम्मेदारी दे रखी थी। इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर वह गुरुवार शाम 6 बजे के बाद फरार हो गया।
सुरक्षा चूक और प्रशासन की कार्रवाई
कैदी की फरारी के बाद जेल प्रशासन ने पूरी घटना की जानकारी खेलगांव थाना पुलिस को दी और प्राथमिकी दर्ज कराई। फरारी के बाद पुलिस ने समीर तिर्की के गुमला स्थित घर सहित कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। टेक्निकल सेल की मदद से कैदी की लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।
जेल प्रशासन ने बदली सुरक्षा व्यवस्था
इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है:
- अब किसी भी वार्ड में कैदी को अंदर-बाहर लाने का जिम्मा पुलिसकर्मियों के पास रहेगा।
- सजायाफ्ता कैदी अब केवल पहरा ड्यूटी करेंगे, लेकिन वार्ड खोलने-बंद करने का अधिकार पुलिसकर्मियों को होगा।
- सभी 56 वार्डों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है और वही कैदियों की गिनती कर उन्हें बंद करेंगे।
प्रभारी जेलर ने कैदियों को दी सख्त चेतावनी
फरारी की घटना के बाद प्रभारी जेलर ने कैदियों से बातचीत कर उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर कोई भागने की कोशिश करता है और पकड़ा जाता है, तो उसे कड़ी सजा दी जाएगी। जेल प्रशासन ने कैदियों से यह भी कहा कि अगर कोई साथी कैदी भागने की साजिश रचता है, तो तुरंत इसकी जानकारी दें।
फिलहाल, पुलिस और टेक्निकल सेल फरार कैदी की तलाश में जुटे हुए हैं। लेकिन अब तक समीर तिर्की के भागने के रास्ते तक का पता नहीं चल पाया है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।



















