Umesh Vikram Kumar Silver Medal, जमशेदपुर: टोक्यो के टोक्यो मेट्रोपॉलिटन जिम्नेजियम में आयोजित हुलिक दाइहात्सु जापान पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल में भारतीय खिलाड़ियों का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। पुरुष एकल के एसएल-3 वर्ग में जमशेदपुर का प्रतिनिधित्व कर रहे उमेश विक्रम कुमार ने रजत पदक हासिल किया। सोमवार को खेले गए फाइनल में उमेश विक्रम कुमार का सामना हमवतन और टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता प्रमोद भगत से हुआ। करीब 30 मिनट चले मुकाबले में उमेश को 16-21, 8-21 से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही उन्हें प्रतियोगिता में रजत पदक से संतोष करना पड़ा, जबकि प्रमोद भगत ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
पहले गेम में उमेश ने बनाई मजबूत बढ़त
फाइनल की शुरुआत उमेश विक्रम कुमार ने आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने कोर्ट पर सटीक प्लेसमेंट और तेज स्मैश के जरिए प्रमोद भगत पर दबाव बनाया और शुरुआती दौर में पांच अंकों की बढ़त हासिल कर ली। हालांकि, अनुभवी प्रमोद भगत ने जल्द ही मुकाबले में वापसी की। छह बार के विश्व चैंपियन भगत ने लंबी रैलियों का सहारा लेकर उमेश की गति और लय को प्रभावित किया। इसका असर पहले गेम के अंतिम चरण में दिखा और भगत ने 21-16 से गेम अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में प्रमोद भगत का दबदबा
दूसरे गेम में प्रमोद भगत ने शुरुआत से ही मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा। उमेश को वापसी का मौका नहीं मिला और भगत ने 21-8 से दूसरा गेम भी जीत लिया। इस जीत के साथ प्रमोद भगत ने पुरुष एकल एसएल-3 वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं उमेश विक्रम कुमार को रजत पदक मिला। टूर्नामेंट के नियमानुसार सेमीफाइनल में पहुंचने वाले जापान के दाइसुके फुजिहारा को कांस्य पदक मिला।
32 देशों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
विश्व बैडमिंटन महासंघ (BWF) से मान्यता प्राप्त यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता वर्ष 2017 से टोक्यो में आयोजित की जा रही है। इस बार टूर्नामेंट 8 से 13 सितंबर तक चला। प्रतियोगिता में दुनिया के 32 देशों के 200 से अधिक शीर्ष पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर उमेश का रजत पदक उनके प्रदर्शन को खास बनाता है।
टाटा स्टील में नौकरी के साथ जारी रखा खेल का सफर
उमेश विक्रम कुमार मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी के रहने वाले हैं। वह टाटा स्टील के प्रोक्योरमेंट विभाग में कार्यरत हैं और जमशेदपुर स्थित जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अभ्यास करते हैं। उमेश ने पिछले वर्ष सितंबर 2025 में विश्व नंबर एक पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी की रैंकिंग हासिल की थी। इसके अलावा उन्होंने हाल ही में पेरू इंटरनेशनल 2026 में स्वर्ण पदक भी जीता था। जापान इंटरनेशनल में रजत पदक के बाद उमेश की नजर अब 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक पर है। उनका लक्ष्य इस बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए पदक जीतना है। उनके अब तक के प्रदर्शन ने जमशेदपुर और झारखंड के खेल जगत में भी उनकी उपलब्धि को खास बना दिया है।


















