Patna Ganesh Utsav 2026: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार को पटना में महाराष्ट्र मंडल की ओर से आयोजित श्रीगणेश उत्सव पूजा में शामिल हुए। सरपेंटाइन रोड स्थित दारोगा प्रसाद राय पथ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना की और भगवान श्रीगणेश से बिहारवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। गणेश उत्सव के इस आयोजन में महाराष्ट्र मंडल के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्हें पुष्प-गुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री को पगड़ी भी पहनाई गई।
मुख्यमंत्री ने की भगवान श्रीगणेश की पूजा
कार्यक्रम में शामिल होकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भगवान श्रीगणेश की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर बिहारवासियों को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान श्रीगणेश सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता प्रदान करें।
महाराष्ट्र मंडल के सदस्यों ने किया स्वागत
श्रीगणेश उत्सव पूजा में पहुंचने पर महाराष्ट्र मंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्हें पुष्प-गुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट किया गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने श्रीगणेश उत्सव के आयोजन के लिए महाराष्ट्र मंडल के सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने आयोजन के लिए मंडल के सदस्यों की सराहना भी की।

बिहार के विकास की कामना
गणेश चतुर्थी के मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के निरंतर विकास की भी कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीगणेश की कृपा से सभी लोगों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता आए तथा बिहार विकास के पथ पर लगातार आगे बढ़े। मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए संदेश में त्योहार के धार्मिक और सामाजिक महत्व के साथ प्रदेश की खुशहाली की कामना भी शामिल रही।

अधिकारी और श्रद्धालु रहे मौजूद
कार्यक्रम में सिविल विमानन विभाग के सचिव डॉ. नीलेश रामचन्द्र देवरे, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक और मुख्यमंत्री सचिवालय के संयुक्त सचिव श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर मौजूद रहे। इसके अलावा महाराष्ट्र मंडल के सदस्य, अन्य गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी कार्यक्रम में शामिल हुए। गणेश उत्सव पूजा के दौरान धार्मिक वातावरण में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीगणेश का पूजन किया।




















