तीनों प्लांट के कर्मचारी गोलच्चकर मैदान में किया प्रदर्शन
रांची : एचईसी में हड़ताल 22वें दिन भी जारी रहा. सात महीने की बकाया वेतन की मांग को लेकर एचईसी कर्मी पहली बार प्लांट से प्रदर्शन के लिए बाहर निकले. गोलच्चकर मैदान में गुरुवार को श्रमिक संगठनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. कार्यक्रम में कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय और विधायक राजेश कच्छप भी शामिल हुए. श्रमिक संगठन ने केंद्र सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाकर राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई. राज्य सरकार से कम से कम छह महीने की वेतन की मांग की. उनलोगों का कहना है कि राज्य सरकार एचईसी को हैंड ओवर करे, ताकि श्रमिकों को राहत मिलेगी.

मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि एचईसी में जो ये समस्या उत्पन्न हुई है वो केंद्र सरकार की नीतियों के चलते हुआ है. पहले जो भी एचईसी की समस्या उत्पन्न होती थी तो हम केंद्र सरकार से मदद लेकर हल कर देते थे. लेकिन अब यहां परिस्थिति उलट हो गया है. केंद्र सरकार ने जिसको चेयरमैन बनाया वे दो साल से आए ही नहीं. इसका मतलब था कि एचईसी को बर्बाद करना है. ऐसे आदमी को क्यों चेयरमैन बनाया गया. पीएम मोदी ने ही चेयरमैन बनाया है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एचईसी को आज इस स्थिति में ला दिया गया है कि उनको वेतन नहीं मिल रहा है. एचईसी को बनाने का उद्देश्य ही कुछ और था. इस कंपनी ने देश को बहुत सारे उपकरण दिये. लेकिन आज एचईसी की स्थिति खराब हो गई है. एचईसी झारखंड ही नहीं देश का गौरव है. सुबोधकांत सहाय ने कहा कि अब केंद्र सरकार कह रही है कि एचईसी अपने संसाधन से फंड जुटाएं. यहां के जीतने भी जनप्रतिनिधि हैं वे गुंगा-बहरा हैं. केंद्र में जो मंत्री हैं वे भी गुंगा-बहरा हैं. पीएम मोदी के आगे किसी की भी जुबान नहीं चलती है. ऐसे में झारखंड और देश का गौरव एचईसी कैसे बचेगा. उन्होंने कहा कि अब तो जनआंदोलन ही इसका रास्ता है. आज के कार्यक्रम में कई संगठन के लोग आए हैं जो एचईसी कैंपस में रहते हैं. ये सब मिलकर एचईसी को बचाएंगे. अब एचईसी को बचाने के लिए पूरे राज्य में इस लड़ाई को लड़ने की जरूरत है. हम राज्य सरकार से भी अपील करते हैं कि आप एचईसी को हैंड ओवर करें.
बता दें कि 2 दिसंबर से टूल डाउन स्ट्राइक चल रहा है. तीनों प्लांट के कर्मचारी रोजाना उपस्थित दर्ज कराकर गेट के अंदर प्रदर्शन करते थे. मगर 23 दिसंबर को स्ट्राइक के 22वें दिन तीनों प्लांट के कर्मचारी गेट से बाहर पहली बार निकल कर प्रदर्शन शुरू किया. सेक्टर तीन स्थित गोलचक्कर मैदान में तीनों प्लांट के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया. इस आमसभा में पहली बार कर्मचारियों का साथ देने के लिए आठ श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि एक साथ जुटे. पूर्व केद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय भी कर्मचारियों का साथ देने के लिए पहुंचे.

















