Hazaribagh: जिले के दारू थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोय निवासी श्यामसुंदर प्रसाद और उनकी पत्नी रूबी देवी सहित एक अन्य व्यक्ति मधुमक्खी के हमले से बुरी तरह घायल हो गए। श्यामसुंदर प्रसाद और उनकी पत्नी रूबी देवी अपनी स्कूटी पर सवार होकर अपने बच्चे के स्कूल कोय जा रहे थे। तभी अचानक रास्ते में एक झाड़ी से मधुमक्खियों का झुण्ड निकला और उनपर हमला कर दिया और दोनों के चेहरा, सिर, हाथ सहित शरीर के खुले अंगों में डंक मारते रहे। इसी क्रम में एक अन्य स्थानीय युवक को भी मधुमक्खियों ने डंक मारा।
Hazaribagh: स्थानीय लोगों ने बचाया
हो-हल्ला करने के बाद स्थानीय लोगों के सहयोग से किसी तरह मधुमक्खियों के चुंगल से तीनों को बाहर निकाला गया। मधुमक्खियों के दंश के बाद दर्द से कराहते हुए पति-पत्नी सहित एक अन्य युवक ने अपने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद बुरी तरह प्रभावित हुए पति-पत्नी को उनके परिजनों और स्थानीयों के सहयोग से इलाज के लिए हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर के द्वारा घायल पति-पत्नी का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।
Hazaribagh: मौके पर सांसद मनीष जायसवाल के प्रतिनिधि पहुंचे
मौके पर पहुंचे हजारीबाग (Hazaribagh) के सांसद मनीष जायसवाल के प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने बताया कि मधुमक्खी एक सामाजिक कीट है और यह कभी दूसरे को नुकसान पहुंचाने के लिए डंक नहीं मारते, बल्कि अपनी आत्मरक्षा के लिए ऐसा करता है। मधुमक्खियों का डंक विषैला होता है, जिससे शरीर में संक्रमण फैल सकता है। मधुमक्खी का शहद जितना मीठा होता है, उसका दंश उतना ही घातक होता है। मधुमक्खी अगर डंक मार दे तो उस जगह पर सूजन आ जाती है। कई एकबार असहनीय दर्द और जहर के प्रभाव से बुखार आ जाता है और यह जानलेवा भी हो जाता है। अगर मधुमक्खी का छत्ता आपके आसपास कहीं हो तो उसे ना छेड़े और उससे दूर रहने का प्रयास करें।
शशांक शेखर की रिपोर्ट
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