Lucknow में फूड पॉइजनिंग से बीमार मंदबुद्धि बच्चों में से 4 की मौत, अस्पताल पहुंचे DM और कमिश्नर

लखनऊ : Lucknow में फूड पॉइजनिंग से बीमार मंदबुद्धि बच्चों में से 4 की मौत, अस्पताल पहुंचे DM और कमिश्नर। यूपी की राजधानी लखनऊ में रिहैब सेंटर निर्वाण में रह रहे 20 से अधिक मंदबुद्धि बच्चों की फूड प्वाइजनिंग के चलते अचानक तबीयत बिगड़ गई।

बताया जा रहा है कि Lucknow के मोहान रोड स्थित निर्वाण संस्था में चार दिन पहले 70 मानसिक मंदित बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। आनन-फानन 24 बच्चों को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया।

यहां गुरूवार को उपचा्राधीन कुल 4 बच्चों के मौत होने की पुष्टि की गई है। यहां सोमवार को एक बालक और मंगलवार को दो बालिकाओं की मौत हो गई। वहीं गुरुवार की सुबह एक और बच्चे की मौत हो गई।

प्रकरण की जानकारी होते ही Lucknow के DM और कमिश्नर ने जानकारी लेने को उपचाराधीन बच्चों से मिलने अस्पताल पहुंचे।

खाना खाने के बाद बिगड़ी तबीयत…

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, Lucknow में बीते शनिवार 22 मार्च की रात को खाना खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी। एक के बाद एक बीमार हुए सभी बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को 12 साल के शिवांक की मौत हो गई थी।

बीते मंगलवार को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती रेनू (15) और दीपा (12) ने भी दम तोड़ दिया था। गुरूवार को बताया गया कि राजधानी Lucknow में निर्वाण संस्था में बच्चों की तबीयत खराब होने से एक और बच्चे की मौत हो गई।

अस्पताल में भर्ती सूरज की इलाज के दौरान मौत हो गई। अब तक कुल 4 बच्चों की जान जा चुकी है। यह जानकारी मिलते ही गुरूवार की सुबह Lucknow की मंडलायुक्त रोशन जैकब और DM विशाख जी ने लोकबंधु अस्पताल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

बताया गया कि छह बच्चों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। अभी 15 बच्चों का इलाज चल रहा है।

यूपी में मंदित बच्चों की बिगड़ी तबीयत पर AI जेनरेटेड फोटो।
यूपी में मंदित बच्चों की बिगड़ी तबीयत पर AI जेनरेटेड फोटो।

शाम के खाने में बच्चों को मिला था दिन का बचा हुआ खाना?

इस पूरे प्रकरण ने प्रशासन के कान खड़े कर दिए है। हर स्तर पर बारीकी से पड़ताल की जा रही है। Lucknow के DM ने मामले की जांच के लिए CMO की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है।

फिलहाल, डॉक्टरों के मुताबिक अभी तक इतने सारे बच्चों की अचानक तबियत बिगड़ने की कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है। आशंका है कि इन बच्चों को फूड पॉइजनिंग हुई है। संभवत: शाम के खाने की वजह से इन बच्चों की तबियत बिगड़ी।

बताया तो यह भी जा रहा है कि शाम के खाने में इन बच्चों को दिन का बचा हुआ खाना परोसा गया था। इतनी गर्मी में यह खाना दूषित हो गया था और इसे खाने के बाद एक एक कर बच्चे बीमार होते चले गए। खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

यूपी में मंदित बच्चों की बिगड़ी तबीयत पर AI जेनरेटेड फोटो।
यूपी में मंदित बच्चों की बिगड़ी तबीयत पर AI जेनरेटेड फोटो।

घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी अस्पताल पहुंच गए।  इन अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती बच्चों से पूछताछ भी की। हालांकि अभी कोई भी अधिकारी इस संबंध में किसी तरह की टिप्पणी करने या अधिकृत बयान देने को तैयार नहीं है।

फिर भी बताया गया कि Lucknow स्वास्थ्य विभाग एवं खाद्य सुरक्षा विभाग की एक टीम ने रिहैब सेंटर पहुंच कर खाने का सैंपल लिया है। सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कोई एक्शन लिया जा सकता है।

लखनऊ में उपचाराधीन मंदित बच्चों से मिलने पहुंचे अधिकारी।
लखनऊ में उपचाराधीन मंदित बच्चों से मिलने पहुंचे अधिकारी।

बच्चों की मौत की वजह पुष्ट नहीं, विसरा और हार्ट कराया प्रिजर्व

Lucknow प्रशासन ने मृत मंदित बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। इसी कारण आगे की जांच के लिए विसरा और हार्ट प्रिजर्व किया गया है। विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण पता चल सकेगा।आरंभिक तौर पर फूड पॉइजनिंग की आशंका है।
Lucknow के लोकबंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि – ‘कुल 24 बच्चे दो-दो और तीन-तीन करके लाए गए। इन बच्चों को संक्रमण की वजह से उल्टी और दस्त की समस्या थी। इनमें से तीन बच्चों की मौत हो गई है। छह बच्चे डिस्चार्ज हो गए हैं। अभी 15 बच्चों का इलाज चल रहा है। संक्रमण की वजह दूषित भोजन या पानी हो सकता है।’
यूपी में मंदित बच्चों की बिगड़ी तबीयत पर AI जेनरेटेड फोटो।
यूपी में मंदित बच्चों की बिगड़ी तबीयत पर AI जेनरेटेड फोटो।
Lucknow के CMO डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि – ‘बच्चों के बीमार होने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी गई थी। संस्था में 70 बच्चे बीमार थे। इनमें से 24 को लोकबंधु अस्पताल भेजा गया। बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है।’
Lucknow के DPO विकास सिंह ने बताया कि-‘…इस रिहैब सेंटर में कुल 147 बालिकाएं रह रही थींं। इसमें मुख्य रूप से अनाथ और मानसिक रूप से कमजोर बालिकाओं को भर्ती किया जाता है। 
…एक बालिका की मंगलवार और एक बालिका कि बुधवार को मौत हुई है। दोनों बालिकाओं की उम्र 13 साल के आसपास है। इनके शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। …रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण सामने आ पाएगा।’
Saffrn

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