झारखंड में JPSC भर्ती परीक्षा घोटाले की जांच तेज। सीआईडी ने 18 ठिकानों पर छापेमारी में 6 करोड़ के चेक, OMR कॉपी और जमीन के दस्तावेज बरामद किए। तीन एजेंट गिरफ्तार।
JPSC Scam रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली की जांच में सीआईडी को बड़ी सफलता मिली है। पांच जिलों में 18 ठिकानों पर हुई छापेमारी के दौरान छह करोड़ रुपये के पोस्ट डेटेड चेक, अभ्यर्थियों की OMR शीट की कार्बन कॉपी, जमीन के दस्तावेज, एडमिट कार्ड, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद हुए हैं। जांच में सामने आया है कि परीक्षा एजेंसी, कुछ कोचिंग संस्थानों और दलालों का एक संगठित नेटवर्क अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर परीक्षा में पास कराने का झांसा देता था।
JPSC Scam: छापेमारी में छह करोड़ के चेक और OMR शीट की कॉपी बरामद
सीआईडी की कार्रवाई के दौरान हजारीबाग के पौता गांव निवासी लालू यादव और प्रदीप यादव के ठिकानों से बड़ी संख्या में हस्ताक्षर किए हुए पोस्ट डेटेड चेक मिले। जांच एजेंसी के अनुसार इन चेकों की कुल राशि लगभग छह करोड़ रुपये है। इनके पास से उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
वहीं पलामू के नौडीहा निवासी संतोष कुमार सिंह के घर से अभ्यर्थियों की OMR शीट की कार्बन कॉपी और जमीन से जुड़े कई दस्तावेज मिले हैं। सीआईडी को आशंका है कि जो अभ्यर्थी नकद भुगतान नहीं कर पाते थे, उनसे जमीन के कागजात गिरवी रखवा लिए जाते थे।
Key Highlights:
सीआईडी ने पांच जिलों के 18 ठिकानों पर की छापेमारी।
छह करोड़ रुपये के पोस्ट डेटेड चेक और जमीन के दस्तावेज बरामद।
OMR शीट की कार्बन कॉपी, एडमिट कार्ड, लैपटॉप और मोबाइल मिले।
अभ्यर्थियों से सेटिंग के नाम पर चेक, दस्तावेज और जमीन गिरवी रखने का खुलासा।
तीन नए एजेंट गिरफ्तार, मामले में कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 14 पहुंची।
JPSC Scam: कोचिंग संस्थानों और दलालों के नेटवर्क का खुलासा
जांच में पता चला है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कुछ कोचिंग संस्थानों के संचालक और शिक्षक इस पूरे नेटवर्क का हिस्सा थे। ये लोग आर्थिक रूप से सक्षम अभ्यर्थियों की पहचान कर उन्हें परीक्षा में पास कराने का भरोसा दिलाते थे।
सौदा तय होने के बाद अभ्यर्थियों से लाखों रुपये के पोस्ट डेटेड चेक, मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र और जमीन के दस्तावेज लिए जाते थे। इसके बाद ये सभी दस्तावेज कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी और उसके सिंडिकेट से जुड़े लोगों तक पहुंचाए जाते थे।
JPSC Scam: तीन नए एजेंट गिरफ्तार, कुल 14 आरोपी जेल में
सीआईडी ने इस मामले में मंगलवार को तीन और एजेंटों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में नामकुम तेतरी टोली निवासी उमेश कुमार, न्यू एरिया पीपर टोली निवासी बुद्धेश्वर भगत और बरियातू निवासी रमेश कुमार शामिल हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार ये तीनों अभ्यर्थियों से सीधे संपर्क कर सेटिंग के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे। अभ्यर्थियों के दस्तावेज एकत्र कर उन्हें परीक्षा एजेंसी TSR Data Processing Pvt. Ltd. (TDPL) तक पहुंचाने का काम करते थे। इनकी परीक्षा एजेंसी के निदेशक रामबीर सिंह और मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी से करीबी संबंध होने की बात भी जांच में सामने आई है।
सीआईडी का कहना है कि मामले की जांच जारी है और बरामद दस्तावेजों के आधार पर पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
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