रांची: सदर अस्पताल में मेडिकल शिक्षा को लेकर बड़ी पहल की गई है। जनरल सर्जरी विभाग में अब डीएनबी (डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड) कोर्स की शुरुआत की जा रही है। इस कोर्स के लिए तीन सीटों पर नीट पीजी के माध्यम से इस सत्र से ही एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसकी मान्यता नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस (NBEMS), नई दिल्ली द्वारा दी गई है।
डीएनबी कोर्स एमडी और एमएस के समकक्ष
डीएनबी कोर्स को मेडिकल क्षेत्र में एमडी और एमएस की तरह ही पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री के रूप में मान्यता प्राप्त है। इस कोर्स के माध्यम से अब झारखंड में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों को तैयार करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए गए हैं।
सदर अस्पताल बन सकता है पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कॉलेज
सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार के अनुसार, यह सिर्फ एक शुरुआत है। जनरल सर्जरी और स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के बाद अब पैथोलॉजी, नेत्र, ईएनटी, एनेस्थिसिया और पीडियाट्रिक विभाग में भी डीएनबी कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन किया गया है। यदि इन विभागों को भी मान्यता मिलती है, तो सदर अस्पताल एक पूर्ण पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित हो सकता है।
बीते वर्ष स्त्री रोग विभाग में मिली थी 4 सीटों की मान्यता
सदर अस्पताल को पिछले वर्ष गायनेकोलॉजी विभाग में डीएनबी की चार सीटों की मान्यता मिली थी, जिन पर अब चार डॉक्टर डीएनबी की पढ़ाई कर रहे हैं।
मरीजों को होगा फायदा
डीएनबी कोर्स शुरू होने से न केवल एमबीबीएस पास युवाओं को राज्य में ही उच्च शिक्षा के अवसर मिलेंगे, बल्कि अस्पताल में जटिल सर्जरी और इलाज की सुविधा भी बढ़ेगी। इससे मरीजों को बाहर बड़े शहरों में जाने की जरूरत कम होगी।
डीएनबी कोर्स की शुरुआत रांची सदर अस्पताल के लिए एक मील का पत्थर है। यह न सिर्फ मेडिकल शिक्षा की दृष्टि से राज्य को सशक्त करेगा, बल्कि चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में भी व्यापक सुधार लाएगा।


















