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RIMS Controversy पर मंत्री इरफान अंसारी का बड़ा बयान, “अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं, संस्था में नेतागिरी करना है तो यूपी चले जाइए”…

RIMS Controversy

Ranchi : रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) निदेशक के को हटाने में मामले के में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि विभाग में अनुशासन अत्यंत जरूरी है और किसी भी प्रकार की अराजकता या मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिम्स निदेशक द्वारा हाल में किए गए कुछ फैसलों को लेकर मंत्री ने असंतोष जताते हुए कहा कि यह निर्णय आनन-फानन में लिए गए हैं और शासी परिषद (GB) की प्रक्रिया की पूरी तरह से अनदेखी की गई है।

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RIMS Controversy : हाई कोर्ट के आदेश का सम्मान करता हूं-इरफान अंसारी

स्वास्थ्य मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मैं हाई कोर्ट के आदेश का सम्मान करता हूं, लेकिन रिम्स निदेशक जिन फैसलों को लागू कर रहे हैं, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें विभागीय प्रक्रिया और नियमावली की पूरी जानकारी नहीं है। इस प्रकार की मनमानी से संस्थान की छवि धूमिल हो रही है और यह सरकार की छवि पर भी असर डालता है।”

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RIMS Controversy में इरफान का बड़ा बयान
RIMS Controversy में इरफान का बड़ा बयान

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मंत्री ने बताया कि एक जूनियर डॉक्टर को प्रमोशन देकर सीनियर डॉक्टर को नजरअंदाज कर दिया गया, जिससे संस्थान में असंतोष की स्थिति पैदा हो गई है और कई डॉक्टर हड़ताल की तैयारी में हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “मैं किसी भी कीमत पर इस तरह की अनुशासनहीनता को सहन नहीं करूंगा। पहले नियमावली पढ़ाई जाएगी, फिर कोई निर्णय लिया जाएगा।”

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6 मई को जवाब दिया जाएगा

उन्होंने रिम्स निदेशक के कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, “जो फैसले शासी परिषद की बैठक में लिए जाने चाहिए थे, वे व्यक्तिगत स्तर पर लिए जा रहे हैं। यह संस्था कोई नेतागिरी का मंच नहीं है। अगर किसी को राजनीति करनी है तो उत्तर प्रदेश चले जाएं।”

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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 6 मई को इस मामले पर हाई कोर्ट में जवाब दाखिल किया जाएगा और अदालत के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने अंत में सभी डॉक्टरों और रिम्स प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि वह संस्था में अनुशासन बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। “अनुशासन में रहिए और सरकार की छवि को मजबूत कीजिए,” उन्होंने दोहराया।

सौरव सिंह की रिपोर्ट–

 

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