Bermo– चंद्रपुरा प्रखंड के झरनाडीह निवासी मो. सुल्तान ने नव सेना की परीक्षा में अपना परचम लहराकर एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि यदि आपके पास जज्बा है तो आपके हौसले की उड़ान को कोई रोक नहीं सकता. सुल्तान ने सहायक लेफ्टिनेंट की परीक्षा पास की है. 15 मार्च को उसकी ज्वाइनिंग है.

सुल्तान बताता है कि बचपन से ही वर्दी के प्रति एक अजीब सा जुनून था. लेकिन पिता की माली हालात ठीक नहीं थी, वह एक एलआईसी एजेंट थें. मामूली कमीशन से घर चलता था. घर की हालत ऐसी थी कि घर कहां से शुरु होता है और कहां खत्म पता ही नहीं चलता था. टीन का दरवाजा और डिवीसी का छत लगाकर, किसी तरह घर होने का एहसास कराया जाता था. पिता पर दो पुत्री और एक पुत्र की बड़ी जिम्मेवारी थी. उपर से बचपन में ही मां का छाया सर से उठ गया और उपर से कोरोना का कहर. सब कुछ बिखरता नजर आ रहा था. लेकिन अन्दर एक जज्बा था. कुछ कर गुजरने की तमन्ना थी. नामुमकिन को मुमकिन करने का विश्वास था और आखिरकार सपना पूरा हुआ.
बेटे की इस सफलता पर पिता की आंखों में खुशी के आंसू है. इस खुशी के साथ ही उन्हे उस दौर की भी याद आ रही है जिससे उन्हे और सुल्तान को गुजरना पड़ा. वर्षों रातों की निंद उड़ी और दिन का चैन. लेकिन आखिरकार सपना पूरा हुआ.
रिपोर्ट- मनोज कुमार

















