बेरमो (बोकारो) : जिसको जहां मौका मिलता है, लूट लेना चाहता है. ऐसा ही कुछ बेरमो के एक प्रज्ञा केंद्र में हुआ. जब छात्रों से आवासीय बनाने के नाम पर 700 रुपये मांगे जा रहे थे. जब इसकी खबर बेरमो सीओ मनोज कुमार को लगी तो वे खुद छात्र बन गए और भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ किया. उक्ता प्रज्ञा केंद्र के मालिक विश्वंजीत पॉल पर प्राथमकिी दर्ज करने की बात कही और निबंधन रद्द करने की अनुशंसा की.

गौरतलब है झारखंड में अभी विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा ली जा रही है. जिसमें छात्रों से जाति, आवासीय प्रमाण पत्र आदि की मांग की जा रही है. इसके लिए छात्र प्रज्ञा केंद्र का सहारा लेते है. ऐसे में जहां आवासीय प्रमाण पत्र का सरकारी शुल्क 30 रुपये है वहीं प्रज्ञा केंद्रों में तत्काल के नाम पर 700 रुपये वसूला जा रहा है.
बेरमो सीओ मनोज कुमार ने इस बात की पुष्टि के लिए खुद छात्र बन प्रज्ञा केंद्र पहुंचे और कहा कि मेरा जाति प्रमाण पत्र बनाना है, कितना लगेगा. इस पर उसने कहा कि पहले आवसीय बनेगा. अगर तत्काल में बनाएंगे तो 700 रुपये लगेगा. उसकी बात सुन सीओ साहब सख्ते में आ गए.
उन्होंने कहा कि सरकारी रेट तो 30 रुपये ही है, फिर बांकी का 670 रुपये किस बात के लिए रहे हैं. इस बात पर उसने कहा कि ऑफिस आइए. सीओ साहब भी प्रज्ञा केंद्र का पता पुछ तुरंत केंद्र पर आ धमके. फिर फिल्मी अंदाज में प्रज्ञा केंद्र पर कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि कोर्ट में मैं खुद तुम्हारे खिलाफ केस लड़ूंगा. साथ ही यह भी कहा कि तुम सरकार को बदमान कर रहे हो. वहीं सीआई को प्रज्ञा केंद्र को तुरंत सील करने का आदेश दिया.
रिपोर्ट: मनोज कुमार

















