मोतिहारी : बिहार में कानून का पालन कराने का जिम्मा है जिन्हें वहीं सरकारी बाबू कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं। जी हां यह खबर मोतिहारी से सामने आई है। जहां के अधिकरी मोटर वैकिल एक्ट को नहीं मानते हैं। यही वजह है कि बिना नंबर प्लेट की गाड़ियों पर बिहार सरकार लिखवाकर कानून को ठेंगा दिखाते हुए गाड़ियों पर घूमते दिखे जा रहे हैं।

‘यह काम कर रहे जिले के प्रखंड विकास पदाधिकारी…’
जरा इस तस्वीर को देखिए… कतार में खड़ी ये सभी गाड़िया जिले के प्रखंड विकास पदाधिकारियों की है। इसमें से किसी गाड़ी पर नंबर प्लेट नहीं लगा है। यह सभी गाड़ी जिला समाहरणालय से लेकर प्रखंड कार्यलाय तक दिन भर दौड़ती है। इस पर अधिकारी भी सीना टाइट कर बैठकर बेधड़क घूमते हैं। इन्हें तनीक भी एहसास नहीं होता है कि ये कानून तोड़ रहे हैं। नियमतः इनके भी गाड़ी का चालान कट सकता है। पर ये ऐसा कानून का मजाक इसलिए उड़ाते हैं क्योंकि ये सरकारी साहब है।
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सरकार ने बिहार के सभी BDO के लिए नई बोलेरो वाहन मुहैया करवाया है
आपको बता दें कि बिहार सरकार ने बिहार के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों के लिए नई बोलेरो वाहन मुहैया तो करवा दिया पर तकरीबन चार माह बीत जाने के बाद भी आज तक इन गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया। ताकि गाड़ियों पर नंबर चढ़ाया जा सके। अब अगर इस परिस्थिति में इन गाड़ियों से कोई घटना या दुर्घटना हो जाए तो जिम्मेवार कौन होगा ये तो सरकार ही बताएगी। चालकों का यही कहना है कि वे बिना नंबर प्लेट के गाड़ियों को चलाते हैं जिस पर बीडीओ साहब बैठकर कामकाज करने जाते हैं। बिना नंबर प्लेट वाले गाड़ियों पर घूमने वाले प्रखंड विकास पदाधिकारियों के गाड़ी को लेकर जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल से सवाल किया गया तो वे चकित रह गए। सवाल सुनने के बाद जिलाधिकारी सौरभ ने तुरंत संज्ञान लिया और डीडीसी को अग्रतर कार्रवाई का जिम्मा दिया।
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सोहराब आलम की रिपोर्ट
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