रांची. एक लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में फंसे गुमला जिला के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) सुनील शेखर कुजूर और कंप्यूटर ऑपरेटर अनूप किंडो की ओर से दाखिल डिस्चार्ज पिटीशन पर एसीबी (ACB) की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अपना जवाब कोर्ट में दाखिल कर दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 अक्टूबर 2025 को होगी।
क्या है रिश्वत का पूरा मामला?
दरअसल, 12 मई 2023 को DEO सुनील शेखर कुजूर ने माघी बालिका उच्च विद्यालय, गुमला का निरीक्षण किया था। इसके बाद 9 दिसंबर 2023 को उन्होंने शिक्षिका कुंती देवी के खिलाफ एक निरीक्षण प्रतिवेदन में कई आरोप लगाए और उनसे स्पष्टीकरण मांगा। कुंती देवी ने समय पर स्पष्टीकरण दे दिया, लेकिन आरोप है कि DEO ने उन्हें दोषमुक्त करने के एवज में एक लाख की रिश्वत मांगी।
शिक्षिका ने इसकी शिकायत झारखंड एसीबी से की, जिसके बाद सत्यापन किया गया। 18 जनवरी 2024 को ACB की टीम ने गुमला में DEO सुनील शेखर कुजूर और कंप्यूटर ऑपरेटर अनूप किंडो को रंगे हाथों एक लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।
अब तक की अदालती कार्रवाई
आरोपियों ने अपने खिलाफ दर्ज केस में डिस्चार्ज पिटीशन दाखिल कर खुद को बरी करने की मांग की है। एसीबी की विशेष अदालत में इस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें ACB ने अपना लिखित जवाब (रिप्लाई) दाखिल किया है। कोर्ट ने अगली तारीख 18 अक्टूबर 2025 तय की है, जिसमें पिटीशन पर फैसला आ सकता है।
Highlights
