सुप्रीम कोर्ट से झारखंड सरकार को बड़ी राहत, सारंडा को सेंक्चुअरी घोषित करने की मिली अनुमति

रांची. सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार को सारंडा वन क्षेत्र को सेंक्चुअरी (Sanctuary) घोषित करने के मामले में बड़ी राहत दी है। अदालत ने 31468.25 हेक्टेयर क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने की अनुमति दे दी है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस सेंक्चुअरी क्षेत्र से SAIL (Steel Authority of India Ltd) और अन्य वैध माइनिंग लीज को प्रभाव क्षेत्र से बाहर रखा जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन शामिल थे, ने निर्देश दिया कि झारखंड सरकार एक सप्ताह के भीतर इस फैसले से संबंधित शपथ पत्र (affidavit) कोर्ट में दायर करे। SAIL और वैध खनन लीज (Valid Mining Leases) को वन्यजीव अभयारण्य के प्रभाव से मुक्त रखा जाएगा।

क्या है मामला?

सारंडा वन क्षेत्र झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम ज़िले में स्थित है और यह देश का सबसे बड़ा साल वन (Sal Forest) माना जाता है। पर्यावरण संरक्षण के लिए इसे वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuary) घोषित करने की मांग की जा रही थी। लेकिन यह क्षेत्र खनन (Mining) के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है, खासकर लोहा (Iron Ore) के भंडार के लिए, जहां SAIL और अन्य कंपनियों की लीज वैध रूप से चल रही हैं।

Saffrn

Trending News

Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions

Social Media

180,000FansLike
28,100FollowersFollow
628FollowersFollow
688,500SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img