Jharkhand Minimum Wage Hike 2025: झारखंड में अकुशल से अति कुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी दर बढ़ी, जानिए नई दरें

झारखंड में अकुशल से अति कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी दरों में 15 से 23 रुपए की बढ़ोतरी, नई दरें 1 अक्टूबर 2025 से लागू होंगी। श्रम विभाग ने अधिसूचना जारी की।


रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की न्यूनतम दैनक मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब अकुशल श्रमिक को प्रतिदिन ₹502, अर्द्धकुशल को ₹527, कुशल को ₹694 और अति कुशल श्रमिकों को ₹800 दैनिक मजदूरी दी जाएगी।

पिछले वर्ष 1 अक्टूबर 2024 को जारी दरें क्रमशः ₹487, ₹511, ₹674 और ₹777 थीं। इस हिसाब से इस बार मजदूरी में क्रमशः ₹15, ₹16, ₹20 और ₹23 की वृद्धि की गई है। यह संशोधन महंगाई भत्ते (DA) के अनुसार किया गया है, जो जनवरी से जून 2025 के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत बिंदु पर आधारित है।

नई मजदूरी दरें 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होंगी और इसमें साप्ताहिक विश्राम दिवस (आराम का दिन) का पारिश्रमिक भी शामिल है। अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी श्रमिक — चाहे वह पुरुष हो या महिला — को समान कार्य के लिए समान मजदूरी दी जाएगी।


Key Highlights

  • झारखंड सरकार ने असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की है।

  • अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल और अति कुशल श्रमिकों की नई दैनिक मजदूरी क्रमशः ₹502, ₹527, ₹694 और ₹800 तय की गई।

  • पिछले वर्ष (अक्टूबर 2024) की तुलना में क्रमशः ₹15, ₹16, ₹20 और ₹23 की वृद्धि हुई है।

  • बढ़ोतरी जनवरी-जून 2025 के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत पर आधारित है।

  • नई मजदूरी दरों का प्रभाव 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा।

  • पुरुष और महिला श्रमिकों को समान काम पर समान वेतन का प्रावधान।


राज्य सरकार ने मजदूरी निर्धारण के लिए झारखंड के सभी जिलों को तीन श्रेणियों (A, B और C) में बांटा है। मजदूरी दरों का निर्धारण 90 अधिसूचित नियोजनों के लिए किया गया है, जिनमें से 49 नियोजन ‘क’ श्रेणी और 41 ‘ख’ श्रेणी में हैं।

‘क’ श्रेणी के प्रमुख नियोजन में बांध निर्माण, सिंचाई योजना, सड़क निर्माण, निजी अस्पताल एवं नर्सिंग होम्स, प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी, कंप्यूटर शिक्षा संस्थान आदि शामिल हैं। वहीं ‘ख’ श्रेणी में खादी ग्रामोद्योग, हैंडलूम उद्योग, डेयरी, पोल्ट्री फार्म, सिलाई उद्योग, को-ऑपरेटिव सेक्टर जैसे कार्य शामिल हैं।

श्रम विभाग का कहना है कि यह संशोधन राज्य के मजदूरों को बढ़ती महंगाई से राहत देगा और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लाखों श्रमिकों की आय में सीधी बढ़ोतरी होगी।

Highlights

Saffrn

Trending News

‘MNREGA/VB-G RAM-G निधियों से बिहार में होगी नहरों व उपवितरणियों की...

पटना : विकास आयुक्त बिहार मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में आज आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास विभाग एवं जल संसाधन विभाग...

‘बेहतर ग्राम पंचायत विकास योजना से विकसित बिहार व विकसित भारत...

पटना : पंचायत विकास योजना निर्माण विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन पंचायती राज विभाग द्वारा पंचायत विकास योजना निर्माण विषय पर एक...

मोतिहारी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, SP ने की 131 फरार व...

मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने जिले के...

मुख्य सचिव ने थावे मंदिर परिसर विकास कार्य की धीमी प्रगति...

पटना : बिहार के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गोपालगंज जिलांतर्गत थावे दुर्गा मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार एवं पर्यटन विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान आज...

सरकार रक्षा वाहिनी के कल्याण के लिए लगातार कर रही काम...

पटना : राज्य सरकार रक्षा वाहिनी के हितों और कल्याण के प्रति हमेशा संवेदनशील रही है, उनकी समस्याओं के समाधान और सुविधाओं के विस्तार...
Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions
Best Packaging Solution Provider of Jharkhand

Social Media

194,000FansLike
27,500FollowersFollow
628FollowersFollow
695,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img