रांची : इसे सिस्टम की क्रुरता कहें या कुछ और। हम बात कर रहे हैं उत्पाद विभाग की, जिसने एक व्यक्ति अवैध शराब कारोबारी के आरोप में हिरासत में लिया था। आरोपी को हिरासत में लेने के बाद पूछताछ की। उसके बाद उत्पाद विभाग कोर्ट ले जाने की तैयारी कर रहा था तभी आरोपी को हार्ट अटैक आ गया।
उत्पाद पुलिस के जवान को देखिए उसका दिल नहीं पसीजा, उसने क्रुरता की सारी हदें पार कर आरोपी धनेश्वर को घसीटकर ऑफिस के कमरे में ले गई। घंटों भर उसे रखा गया। फिर काफी देर बाद उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने नाजुक स्थिति बताते हुए धनेश्वर को रिम्स रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर रिम्स पहुंचे, लकिन सीसीयू में बेड उपलब्ध न होने के कारण मेडिका अस्पताल ले गए, जहां इलाज के क्रम उनकी मौत हो गई।
पूरे मामले पर परिजनों का आरोप है कि हॉस्पिटल भेजने में देरी की गई। परिजनों का आरोप है कि हार्ट अटैक आने के डेढ़ से दो घंटे बित जाने के बाद धनेश्वर को अस्पताल भेजा गया। जिस वजह से इलाज के दौरान मौत हो गई है। परिजनों ने जानकारी दी की धनेश्वर महतो को उत्पाद विभाग के द्वारा उसके घर से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि उस वक्त धनेश्वर के पास से या घर से अवैध शराब बरामद नहीं हुई।
उत्पाद विभाग द्वारा कार्रवाई के बाद जब परिजन विभाग पहुंचे तो ये बात परिजनों को बताई गई कि आरोपी धनेश्वर महतो के पास से अवैध शराब की खेप पकड़ी गई। परिजनों का दावा है कि धनेश्वर को फंसाया गया। बिमार के बावजूद उत्पाद विभाग के पदाधिकारी नहीं माने और उन्हें अपने साथ ले गए।
परिजनों का कहना है धनेश्वर काफी पहले ही इस अवैध धन्धे को छोड़ चुका है। बावजूद उत्पाद विभाग के अफसर लगातार उन्हें परेशान किया करते थे।







