हंसडीहा में ऑर्थोपेडिक टेंडर विवाद ने राजनीतिक गर्मी बढ़ाई। BJP MLA राज सिन्हा ने प्रदीप यादव के 25 करोड़ घोटाले के आरोपों का समर्थन किया।
हंसडीहा Tender Scam मामला रांची: झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में हंसडीहा के कथित 25 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला गुरुवार को फिर से गरमा गया। BJP विधायक राज सिन्हा ने सदन में कहा कि वे प्रदीप यादव द्वारा लगाए गए आरोपों का समर्थन करते हैं और इस मामले की गंभीर जांच होनी चाहिए।
राज सिन्हा ने आरोप लगाया कि वृद्धों के लिए Orthopedic Calipers खरीदने के लिए जारी टेंडर में अनियमितता हुई और उसकी जगह इंजीनियरिंग में इस्तेमाल होने वाला Vernier Caliper सप्लाई कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी तकनीकी गड़बड़ी बिना मिलीभगत के कैसे संभव है।
Key Highlights:
BJP विधायक राज सिन्हा ने सदन में प्रदीप यादव के 25 करोड़ Scam आरोपों का समर्थन किया
बुजुर्गों के लिए Orthopedic Calipers खरीद की जगह Vernier Caliper सप्लाई होने का दावा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा गलती हुई, लेकिन इसे Scam बताना सही नहीं
मामले में जांच समिति गठन, रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की बात
अधिकारी व सप्लायर पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज
राज सिन्हा ने कहा:”बुजुर्गों के घुटने के लिए सहारा देने वाला उपकरण खरीदने की जगह नापने वाला औजार खरीदकर सप्लाई किया गया। यह घोर लापरवाही है या फिर पूरी योजना के साथ किया गया भ्रष्टाचार।”
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर जवाबों को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि फाइलों में सिर्फ “जांच जारी” कहना समस्या का समाधान नहीं है।
हंसडीहा Tender Scam मामला:स्वास्थ्य मंत्री का जवाब
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने जवाब देते हुए कहा कि यह मामला Tender नहीं, बल्कि GEM Portal के माध्यम से किया गया सामान्य खरीद था, जिसकी कुल राशि मात्र ₹2,48,500 थी।
उन्होंने स्वीकार किया कि गलती हुई लेकिन इसे “Scam” कहना अतिशयोक्ति है।
मंत्री ने कहा:”यह लापरवाही है, घोटाला नहीं। जांच के आदेश दिए जा चुके हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी।”
उन्होंने यह भी बताया कि इस गड़बड़ी में एक अधिकारी लालदेव रजक की भूमिका संदिग्ध पाई गई है और मामला पहले डीसी तक भी पहुंचा था।
हंसडीहा Tender Scam मामला:राजनीति में तकरार तेज
राज सिंहा ने मंत्री के जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि राशि छोटी होने के कारण इसे नजरअंदाज करना गलत है। उन्होंने कहा कि यह गड़बड़ी सिर्फ शुरुआत है और हो सकता है ऐसी सप्लाई पहले भी हुई हो।
उन्होंने मांग की:
संबंधित अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाए
सप्लाई करने वाली एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाए
जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए
उधर मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई तय है।
हंसडीहा मेडिकल आइटम खरीद विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। विपक्ष इसे बड़ा घोटाला बता रहा है, जबकि सरकार इसे तकनीकी गलती मान रही है। जांच रिपोर्ट आने तक मामला और गर्म होने की संभावना है।
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