झारखंड शराब घोटाला में 136 करोड़ का नुकसान उजागर. ACB ने नवीन केडिया को आरोपी बनाया. बिना टेंडर शराब आपूर्ति, फर्जी गारंटी और राजस्व गड़बड़ी का खुलासा.
Jharkhand Liquor Scam Update: घोटाले की परतें खुलीं: 38 करोड़, फिर 70 करोड़ और अब 136 करोड़ का नुकसान
रांची: एसीबी ने शुरुआती जांच में 38 करोड़ रुपये के घोटाले का केस दर्ज किया था. यह गड़बड़ी मैनपावर सप्लाई कंपनियों द्वारा फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर ठेका लेकर सरकारी राजस्व जमा नहीं करने से जुड़ी थी. आगे की जांच में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से शराब बिक्री के अनुपात में राजस्व कम जमा करने, प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर शराब बेचने और अन्य अनियमितताओं के कारण 70 करोड़ का अतिरिक्त नुकसान सामने आया.
अब महुआ प्लेन ब्रांड की घटिया शराब की आपूर्ति और संबंधित प्रक्रियाओं की गड़बड़ी से कुल नुकसान 136 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
Key Highlights
घटिया देशी शराब Mahua Plain Brand की आपूर्ति से राज्य को 136 करोड़ रुपये का नुकसान.
ACB ने छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी नवीन केडिया को केस में अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया.
जांच में पहले 38 करोड़ और फिर 70 करोड़ के अतिरिक्त घोटाले का खुलासा.
बिना टेंडर और बिना एग्रीमेंट शराब आपूर्ति का काम देने का आरोप.
मैनपावर सप्लाई कंपनियों द्वारा फर्जी बैंक गारंटी और राजस्व भुगतान में गड़बड़ी उजागर.
पूर्व उत्पाद आयुक्त अमीत कुमार से ACB ने दूसरी बार पूछताछ की.
Jharkhand Liquor Scam Update:टेंडर से पहले ही दे दिया गया शराब आपूर्ति का काम
एसीबी ने कोर्ट को बताया कि नवीन केडिया की कंपनी को शराब आपूर्ति का काम आधिकारिक टेंडर जारी होने से पहले ही दे दिया गया था. नियमों के अनुसार JSBCL के साथ एग्रीमेंट किए बिना किसी कंपनी को शराब आपूर्ति की अनुमति नहीं दी जा सकती. लेकिन इस मामले में नियमानुसार प्रक्रिया पूरी किए बिना कंपनी को काम सौंप दिया गया था.
जांच में यह भी पता चला कि कई चरणों में कागजी प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई और सरकारी नियमों को दरकिनार किया गया.
Jharkhand Liquor Scam Update:अमीत कुमार से दूसरी बार पूछताछ
मंगलवार को एसीबी ने तत्कालीन उत्पाद आयुक्त और वर्तमान वाणिज्य कर आयुक्त अमीत कुमार से पूछताछ की. यह उनसे दूसरी पूछताछ थी. शुक्रवार को भी उनसे सवाल किए गए थे. अधिकारियों के अनुसार, कुछ जानकारी उन्होंने दी है, जिसे दस्तावेजों से मिलाया जा रहा है. कई बिंदुओं पर स्पष्ट उत्तर नहीं मिलने के कारण उन्हें बुधवार को फिर बुलाया गया है.
अमीत कुमार ने यह भी कहा कि शराब घोटाले का समय उनके कार्यकाल के बाद का है, इसलिए प्रक्रिया की पूरी जानकारी उनके पास उपलब्ध नहीं है.
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