MBBS Admission Fraud in Jharkhand: SNMMCH धनबाद में UP स्टूडेंट के फर्जी जाति-आवासीय सर्टिफिकेट का खुलासा

धनबाद SNMMCH में एमबीबीएस नामांकन के दौरान यूपी छात्र के फर्जी जाति और आवासीय प्रमाणपत्र पकड़े गए. कॉलेज प्रबंधन FIR दर्ज कराएगा. जांच टीम ने फर्जीवाड़ा उजागर किया.


MBBS Admission Fraud in Jharkhand धनबाद : धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) में एमबीबीएस सत्र 2024–25 के नामांकन के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. उत्तर प्रदेश निवासी छात्र शुभम कुमार मिश्रा द्वारा जमा किए गए दस्तावेज जांच में फर्जी पाए गए हैं. कॉलेज प्रबंधन ने पुष्टि की है कि छात्र के जाति और आवासीय प्रमाणपत्र, जो गिरिडीह से जारी दिखाए गए थे, असली नहीं थे.


Key Highlights 

  • एसएनएमएमसीएच धनबाद में एमबीबीएस में नामांकन लेने आए यूपी छात्र के दस्तावेज फर्जी पाए गए.

  • छात्र शुभम कुमार मिश्रा द्वारा जमा किए गए जाति और आवासीय प्रमाणपत्र गिरिडीह से जारी दिखाए गए थे.

  • शैक्षणिक प्रमाणपत्र यूपी के, जबकि मूल दस्तावेज झारखंड से होने पर कॉलेज को संदेह हुआ.

  • कॉलेज प्रबंधन की जांच टीम ने गिरिडीह जिला प्रशासन के सहयोग से प्रमाणपत्रों को फर्जी साबित किया.

  • बुधवार को सरायढेला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी.

  • मामले की सूचना झारखंड संयुक्त प्रवेश परीक्षा पार्षद को भी भेज दी गई है.


MBBS Admission Fraud in Jharkhand: दस्तावेजों पर पहली नजर में हुआ संदेह

शुभम कुमार ने शैक्षणिक डिग्रियां यूपी की प्रस्तुत कीं, जबकि जाति और आवासीय प्रमाणपत्र गिरिडीह (झारखंड) से बने हुए थे. दस्तावेजों में इस तरह का असामान्य मिश्रण देख कॉलेज प्रशासन को शक हुआ.

कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. डीके गिंदौरिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जांच टीम गठित की. सोमवार को यह टीम गिरिडीह पहुंची और जिला प्रशासन के सहयोग से प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया.

MBBS Admission Fraud in Jharkhand: गिरिडीह प्रशासन ने किया खुलासा: दोनों प्रमाणपत्र फर्जी

मंगलवार को जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि छात्र द्वारा प्रस्तुत जाति प्रमाणपत्र और आवासीय प्रमाणपत्र दोनों नकली हैं. इन दस्तावेजों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड गिरिडीह प्रशासन के पास नहीं मिला.

अब दर्ज होगी एफआईआर

प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन बुधवार को सरायढेला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने जा रहा है. कॉलेज ने इस पूरे प्रकरण की जानकारी झारखंड संयुक्त प्रवेश परीक्षा पार्षद (JCECEB) को भी दे दी है, ताकि आगे की प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे.

बढ़ते फर्जीवाड़े पर सवाल

हाल के वर्षों में एमबीबीएस प्रवेश में फर्जी दस्तावेजों के मामले बढ़े हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि ऐसे मामलों पर रोक लग सके.

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