डीएनए से डेटा तक: बीएनएमयू मधेपुरा में तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन,देशभर से शोधार्थी और विशेषज्ञ ले रहे हैं भाग
मधेपुरा : भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) के स्नातकोत्तर जंतु विज्ञान विभाग द्वारा “डीएनए टू डाटा” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से सैकड़ों शोधार्थी, शिक्षक एवं विषय विशेषज्ञ प्रत्यक्ष और ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता कर रहे हैं।
डीएनए सीक्वेंसिंग की आधुनिक तकनीक की विस्तृत जानकारी दी
कार्यशाला का शुभारंभ बायोकार्ट इंडिया बेंगलुरु लिमिटेड द्वारा डीएनए सीक्वेंसिंग पर आधारित विशेष प्रशिक्षण सत्र के साथ किया गया। इस अवसर पर कंपनी के विशेषज्ञ देवांगो दास ने डीएनए सीक्वेंसिंग की आधुनिक तकनीकों, उनकी कार्यप्रणाली एवं जैविक अनुसंधान में उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
पीसीआर तकनीक पर गहन व्याख्यान दिया
द्वितीय सत्र में जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. नरेंद्र श्रीवास्तव ने पीसीआर (पॉलिमरेज चेन रिएक्शन) तकनीक पर गहन व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि पीसीआर तकनीक आज जैविक अनुसंधान, रोग निदान, जीनोमिक स्टडी और फॉरेंसिक विज्ञान में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सीक्वेंसिंग तकनीक पर विस्तृत जानकारी दी गई
तृतीय सत्र में बायोकार्ट इंडिया द्वारा डॉट एबी1 सीक्वेंसिंग तकनीक पर विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही प्रतिभागियों को विभिन्न बायोइन्फॉर्मेटिक्स टूल्स के माध्यम से डीएनए डेटा विश्लेषण की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। कंपनी की ओर से प्रशिक्षुओं को FASTA फॉर्मेट भी उपलब्ध कराया गया, जिससे सीक्वेंस डेटा के विश्लेषण में सुविधा मिली।अंतिम सत्र में जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस पर आधारित ऑन-हैंड प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने प्रयोगात्मक रूप से तकनीक को सीखा।
इस सम्बन्ध में जंतु विज्ञानं के एच ओ डी डोक्टर नरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि यह वर्कशॉप ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों मोड में है। ऑफलाईन मोड में 28 लोग है जबकि ऑनलाइन में 156 लोग इनरोल है जिसमे देश के विभिन्न राज्यों से लोग शामिल हो रहे है। उन्होंने बताया कि यह वर्कशॉप बिलकुल स्किल बेस्ड है और जॉब ओरियेंटेड है।
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