प्रशासनिक हस्तक्षेप के बावजूद नहीं मिटा शिक्षिका और छात्राओं का विवाद, मध्य विद्यालय का माहौल बना अराजक
नवादा : नवादा में शिक्षा के मंदिर में भी शिक्षिका द्वारा छात्राओं के साथ भेदभाव और प्रताड़ना का मामला सामने निकलकर आ रहा है, जिससे विद्यालय में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
विद्यालय की छात्राओं ने शिक्षिका पर लगाया गंभीर आरोप
मामला हिसुआ के अंदर बाजार स्थित मध्य विद्यालय की है, जहां पदस्थापित शिक्षिका रजनी कुमारी द्वारा दलित और मुस्लिम समाज की छात्राओं के साथ भेदभाव और प्रताड़ित करने का मामला लगातार निकलकर आ रहा है और विभागीय शिकायत के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। शिक्षिका रजनी की शिकायत है कि वे गायत्री परिवार से जुड़ी है और दलित और अल्पसंख्यक छात्राओं के साथ शैक्षिणिक कार्य में भेदभाव किया जाता और बेवजह मारपीट और प्रताडऩा किया जाता है।
छात्राओं के साथ पढ़ाई में भेदभाव किया जाता है साथ हीं साथ हमेशा विद्यालय में सार्वजनिक रूप से मारपीट किया जाता है। एक छात्रा सोहना परवीन पिता मोहम्मद सगीर को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा और अभी तक इलाजरत है।
शिक्षिका पर लगे कई गंभीर आरोप
इस संबंध में हिसुआ प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ॰ अमरजीत कुमार ने पत्रांक 38 दिनांक 18/12/25 को पात्र निर्गत कर शिक्षिका पर लग रहे आरोप का स्पष्टीकरण की मांग किया गया ,जिसमें उन्होंने कहा कि विद्यालय की छात्रा सोहाना प्रवीण, पिता – मो० सगीर द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि चोरी का आरोप लगाकर दिनांक 16.12.2025 को आपके द्वारा मारपीट की गई है। इस घटना के बाद छात्राओं के दो गुट बन गए तथा लड़ाई सड़क पर आ गई और यह मामला बढ़कर धार्मिक रूप लेने लगा।
प्रशासनिक हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रित किया गया तथा इसी क्रम में सम्बंधित छात्राओं से पूछताछ में आप पर स्पष्ट आरोप लगाया गया कि दिन विशेष को लेकर आपके द्वारा धार्मिक टिप्पणी की जाती रही है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी अन्य छात्रा को थप्पड़ मारते हुए आपका वीडियो वायरल हुआ था।
अधोहस्ताक्षरी की ओर से आपको सख्त चेतावनी दी गई थी परन्तु आपके रुख में सुधार नहीं देखा गया। एक शिक्षिका से धार्मिक टिप्पणी तथा ऐसे व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जाती है। आपके कृत्य से विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ा है। अतः आपको निदेश दिया जाता है कि पत्र प्राप्ति के साथ ही अपना स्पष्टीकरण समर्पित करना सुनिश्चित करें। अन्यथा की स्थिति में विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
अनिल शर्मा की रिपोर्ट
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