सम्राट की पुलिस हुई फेल तो ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा, जानिये आखिर पुलिस ने क्यों दी मौन सहमति
पटना : बिहार में शराबबंदी के बावजूद से लंबे समय से अवैध शराब उपलब्ध हो रहे हैं। हर स्तर पर सरकार के इस मिशन को फेल करने की कबायद जारी है। वहीं पुलिस की कार्रवाई भी इतनी कार्रवाई के बाद भी फिसड्डी साबित हो ही है। जाने अंजाने पुलिस के कड़े पहरे के बाद भी दारू मिलना जारी है। कभी कभी सरकार के द्वारा कुछ शऱाब को पकड़ कर अपनी पीठ थपथपाने के जैसा है।
नशा कारोबारियों के खिलाफ पुलिस ने कसी कमर
ताजा मामला सुपौल जिले का है जहां युवाओं में बढते नशे के कारण स्थिति बदतर होती जा रही है। पैसे वालों को शराब आसानी से मिल जाती है लेकिन सूखा नशा के बढते चलन के कारण युवाओं की स्थिति और खराब हो रही है और माता-पिता को इनके भविष्य की चिंता सता रही है। इसके चलते ही स्थानीय स्तर पर नशा कारोबारियों के खिलाफ आम जन खड़े होने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का ऐलान – पकड़े जान पर होगी सख्त कार्रवाई
स्थानीय लोगों ने सुपौल के पिपरा बाजार में बैठक कर निर्णय लिया है थाना क्षेत्र में कोई भी न तो अवैध कारोबार करेगा और ना ही शराब का सेवन ही करेगा। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर कोई ऐसा पकड़ा जाता है तो उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई भी की जायेगी।
बैठक के निर्णयों पर पुलिस ने भी दी सहमति
बैठक में लोगों ने चिंता जताते हुये कहा कि जिन हाथों में कलम और कॉपी होना चाहिए आज अक्सर देखा जा रहा है कि उन हाथों में नशे का सामान है जो कि बेहद चिंताजनक है। आज की युवा पीढ़ी अपने हाथों से ही अपने भविष्य को जला रहे हैं और अगर समय रहते इन्हें नहीं रोका गया तो आने वाले दिनों में बिहार समेत देश युवा विहीन हो जायेगा। बैठक में लोगों ने पुलिस से भी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी पूर्वक निभाने की अपील की। बैठक में स्थानीय लोगों के साथ ही पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे और सबने इस निर्णय में अपनी सहमति जताई।
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