नीतीश सरकार के सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना ने बुजुर्गों को दिया भरोसा, दवा से लेकर सम्मान तक सरकार प्रतिबद्ध

नीतीश सरकार के सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना ने बुजुर्गों को दिया भरोसा, दवा से लेकर सम्मान तक सरकार प्रतिबद्ध

पटना: पटना जिले के त्रिपुरा पंचायत अंतर्गत सदानी चौक गांव की रहने वाली बुजुर्ग महिला शीला रानी बड़े ही आत्मविश्वास और चेहरे पर मुस्कान लिए कैमरे पर आती हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद देते हुए कहती हैं कि वृद्ध अवस्था में सरकार की नीति कारगर साबित हुई है। इससे दवा और बीमारी के लिए धन राशि उपलब्ध कराए जाने से हम लोग बेहद खुश है और किसी के सामने हाथ फैलाने की मजबूरी नहीं रहती।

पेंशन से बढ़ा बुजुर्गों का आत्म सम्मान

इसी गांव के रहने वाले बुजुर्ग रमेश कुमार मानते हैं की पेंशन की राशि बढ़ाने से बुजुर्गों का आत्म सम्मान लौटा है। उनका कहना है कि पहले बुजुर्गों की सुध लेने वाला कोई नहीं था लेकिन अब सरकार ने उन्हें सुरक्षित भविष्य की उम्मीद दी है।

ये आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की कहानी केवल इन दो बुजुर्गो की नहीं है, बल्कि राज्य के लाखों बुजुर्गों को आर्थिक सहारा प्रदान किया जा रहा है। विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, पेंशनधारियों में सबसे बड़ा हिस्सा वृद्धजनों का है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना और मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के अंतर्गत करीब 89 लाख लाभार्थियों को 1000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। यह राशि उनके स्वास्थ्य, दवाइयों और अन्य आवश्यक खर्चों में बड़ी राहत प्रदान कर रही है।

प्रभावी क्रियान्वयन में पंचायत स्तर के कर्मचारियों की भूमिका भी सराहनीय

वही गांव की योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में पंचायत स्तर के कर्मचारियों की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। ये कर्मचारी घर-घर जाकर जीवन प्रमाण पत्र का सत्यापन कर रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र बुजुर्ग योजना से वंचित न रह जाए।

भरोसे का दूसरा नाम सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना

बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत राज्य में अब तक एक करोड़ से अधिक पेंशनधारियों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचाया गया है। इस योजना के जरिए वृद्धजन, विधवा महिलाएं और दिव्यांगजन जैसे समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक सहारा प्रदान किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग से मिले आकड़े के अनुसार योजना के तहत अबतक लगभग 1300 करोड़ रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है जिससे उनकी दैनिक जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं।

डीबीटी से पारदर्शिता हुई सुनिश्चित, दलालों की भूमिका खत्म 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में संचालित यह योजना राज्य के लाखों परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार दे रही है। योजना के तहत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली अपनाई गई है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और मध्यस्थों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो गई है।

ग्रामीण इलाकों में दिख रहा है असर

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत मिलने वाली पेंशन राशि बुजुर्गों के लिए नियमित आय का सहारा बन रही है, जिससे उनकी दैनिक जरुरतें पूरी हो रही है और वह सम्मान के साथ जीवन जी पा रहे हैं।

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