पटना : बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज त्रिपुरा सरकार के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ ‘Deregulation और Compliance Reduction’ विषय पर महत्वपूर्ण संवाद एवं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच प्रशासनिक सुधारों, सरल नीति निर्धारण और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के सफल मॉडलों को साझा करना था।
बैठक की शुरुआत करते हुए मुख्य सचिव ने त्रिपुरा के मुख्य सचिव व उनके प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से किया स्वागत
बैठक की शुरुआत करते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने त्रिपुरा के मुख्य सचिव जितेंद्र कुमार सिंह और उनके प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने रेखांकित किया कि इस प्रकार का Knowledge Sharing बिहार के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए आवश्यक है। त्रिपुरा प्रतिनिधिमंडल ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि कैसे पुराने और जटिल नियमों में संशोधन कर निवेश के रास्ते सुगम बनाए गए हैं। इसमें ऑनलाइन अप्रूवल, सिंगल विंडो सिस्टम और पॉलिसी रिफॉर्म्स पर विशेष बल दिया गया।

प्रमुख क्षेत्र जिन पर चर्चा हुई
भूमि एवं श्रम सुधार – औद्योगिक विकास के लिए जमीन की उपलब्धता और श्रम कानूनों में ढिलायी।
सेंट्रलाइज्ड इंस्पेक्शन सिस्टम – पारदर्शी जांच प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीयकृत पोर्टल का उपयोग।
यूटिलिटी एवं परमिशन – बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए निर्बाध अनुमति प्रक्रिया।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार ‘आत्मनिर्भर बिहार’ व औद्योगिक क्रांति की ओर अग्रसर है
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार ‘आत्मनिर्भर बिहार’ और औद्योगिक क्रांति की ओर अग्रसर है। त्रिपुरा के ‘पॉलिसी रिफॉर्म्स’ का अध्ययन कर बिहार अपने औद्योगिक नीति को और अधिक आकर्षक बनाने पर विचार करेगा, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित हों। Compliance Burden को कम करने का सीधा अर्थ है सरकारी प्रक्रियाओं में देरी को समाप्त करना। यह बिहार के ‘सुशासन’ के संकल्प को मजबूती प्रदान करता है। बैठक में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की उपस्थिति यह दर्शाती है कि सरकार का लक्ष्य केवल उद्योग लगाना नहीं, बल्कि बिहार के युवाओं को उन उद्योगों के अनुरूप कुशल बनाना भी है।

इस बैठक में बाहर से भी कई अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर त्रिपुरा की ओर से सचिव (उद्योग एवं वाणिज्य) किरण गिट्टे, सचिव (शहरी विकास) अभिषेक सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बिहार की ओर से महानिदेशक (गृह रक्षा वाहिनी), प्रधान सचिव (राजस्व एवं भूमि सुधार), सचिव (नगर विकास, उद्योग, ऊर्जा, श्रम संसाधन) और सदस्य सचिव (बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद्) सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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अंशु झा की रिपोर्ट
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