बिहार में ट्रैफिक कानून तोड़ने वालों की खैर नही, घर पहुँचेगा चालान, AI की तीसरी आँख करेगी निगरानी
पटना : बिहार में सबसे ज्यादा भीड़ भाड़ वाले चौक-चौराहो पर अब पैनी नजर रखेगा परिवहन विभाग। परिवहन विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में इस प्रोजेक्ट को मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये लगभग 225 चौक चौराहों पर हाईटेक कैमरे लगाने का काम 15 जनवरी से शुरू होने वाला है। इसका मकसद सिर्फ जाम से मुक्ति नहीं बल्कि सुरक्षित, समार्ट और अनुशासित ट्रैफिक व्यवस्था को बनाये रखना है। इसके द्वारा कानून व्यवस्था के लिहाज से भी निगरानी संभव हो सकेगा।
शहर के बाद जिलों के प्रमुख चौक चौराहों की भी होगी निगरानी
विभाग की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पटना शहर के बाद अब शहर से सटे इलाकों में जैसे दानापुर, फुलबारी,गोलारोड, कंकड़बाग,और फतुहा आदि को कैमरे की जद में लाया जायेगा। विभाग की योजना हाजीपुर, भोजपुर, अरवल, मुजफ्फपुर, भागलपुर, कटिहार, फारबिसगंज, गया बाढ़,बेगूसराय,जमुई,औरंगाबाद और सिवान जैसे जिलों के प्रमुख चौक चौराहों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जायेगा।
चौक चौराहों पर अनावश्यक भीड़ पर भी कसेगा लगाम
विभाग ट्रैफिक कानून को सख्ती से पालन कराने के लिये तैयार है। इस व्यवस्था के चालू होने से न सिर्फ चौक चौराहें पर लगने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा बल्कि वाहनों के सुचारू परिचालन में भी मदद मिलेगी।
ट्रैफिक की लाईव मांनिटरिंग से व्यवस्था तेज और पारदर्शी होगी
इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिये कंट्रोल रूप को AI से लैश किया जायेगा,जिससे ट्रैफिक की लाईव निगरानी की जा सकेगी और नियम तोड़ने वालों की पहचान के साथ ही एलर्ट भी जारी होगा। जिससे चालान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।
चालकों की लापरवाही और अपराध पर लगेगा ब्रेक
AI कैमरों के द्वारा ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले ड्राईवर्स का सीधे चालान कटेगा। सड़क दुर्घटना में कमी आने की संभावना है। विभाग का मानना है कि इससे सड़क पर अपराध या संदिग्ध गतिविधियों पर भी लगाम लगेगा।
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