झारखंड में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण टल सकता है। नगर निकाय चुनाव के कारण देरी की संभावना, 12 लाख मृत या गैरहाजिर मतदाता पहले ही चिह्नित
Voter List Update रांची: भारत निर्वाचन आयोग झारखंड में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी एसआइआर की प्रक्रिया फिलहाल टाल सकता है। पहले संभावना जताई जा रही थी कि फरवरी महीने में राज्य में एसआइआर की घोषणा होगी, लेकिन अब नगर निकाय चुनाव के चलते इसमें देरी तय मानी जा रही है। राज्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र की तर्ज पर झारखंड में भी नगर निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद ही एसआइआर शुरू किया जा सकता है।
सूत्रों का कहना है कि नगर निकाय चुनाव के दौरान मतदाता सूची में बड़े स्तर पर संशोधन से चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसी कारण आयोग फिलहाल इस दिशा में कोई औपचारिक घोषणा नहीं करेगा। ऐसे में राज्य में एसआइआर की शुरुआत अब निकाय चुनावों के बाद ही संभावित मानी जा रही है।
Key Highlights
झारखंड में एसआइआर की प्रक्रिया फिलहाल टलने के आसार
नगर निकाय चुनाव के कारण फैसला आगे बढ़ सकता है
12 लाख मृत या गैरहाजिर मतदाता पहले ही चिह्नित
2003 की सूची के आधार पर 78 प्रतिशत पैरेंटल मैपिंग पूरी
निकाय चुनाव के बाद ही एसआइआर की घोषणा संभावित
Voter List Update: महाराष्ट्र मॉडल के आधार पर फैसला
ज्ञात हो कि महाराष्ट्र को भी नगर निकाय चुनाव के कारण देश में दूसरे चरण के एसआइआर में शामिल नहीं किया गया था। इसी तर्क के आधार पर झारखंड में भी आयोग सावधानी बरत रहा है। चुनाव आयोग की टीम का प्रस्तावित झारखंड दौरा भी फिलहाल टल गया है, जिससे यह संकेत मिलते हैं कि एसआइआर को लेकर जल्दबाजी नहीं की जाएगी।
Voter List Update: 12 लाख मृत और गैरहाजिर मतदाता चिह्नित
एसआइआर से पहले ही झारखंड में मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर बड़ा काम किया जा चुका है। राज्य में करीब 12 लाख ऐसे मतदाताओं को चिह्नित किया गया है, जो या तो मृत पाए गए हैं या लंबे समय से अपने पते पर मौजूद नहीं हैं। इसके अलावा दो अलग अलग स्थानों पर दर्ज मतदाताओं के नाम भी चिन्हित किए गए हैं। इन सभी नामों को एसआइआर से पहले मतदाता सूची से हटाया जाएगा।
Voter List Update: 78 प्रतिशत पैरेंटल मैपिंग पूरी
राज्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय मतदाता सूची को दुरुस्त करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर अब तक 78 प्रतिशत पैरेंटल मैपिंग पूरी कर ली गई है। एसआइआर की घोषणा से पहले इसे 100 प्रतिशत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पुनरीक्षण की प्रक्रिया अधिक सटीक और पारदर्शी हो सके।
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