श्वेत नहीं काले पत्थरों से बनी है माँ सरस्वती की अष्टभुजी प्रतिमा, संतान और नौकरी की मन्नत पूरी होने को लेकर है काफी प्रसिद्धि

श्वेत नहीं काले पत्थरों से बनी है माँ सरस्वती की अष्टभुजी प्रतिमा, संतान और नौकरी की मन्नत पूरी होने को लेकर है काफी प्रसिद्धि

गयाजी : बिहार के गया जी में माता सरस्वती की अति प्राचीन प्रतिमा है। यहां माता श्वेत नहीं, बल्कि काले पत्थर में विराजती हैं। माता सरस्वती अष्टभुजा रूप चमत्कारी है। वैसे तो मान्यता है, कि यहां मन से पूजा करने वाले की हर मन्नत पूरी होती है। सबसे ज्यादा आस्था संतान और नौकरी से जुड़ी है।

अष्टभुजी रूप में हैं माँ सरस्वती, अभय मुद्रा में पूरी करती है मनोकामना

बोधगया में माता सरस्वती का अति प्राचीन मंदिर है। यहां माता की काले पत्थरों से बनी प्रतिमा में विराजमान है। माता सरस्वती अष्टभुजी रूप में है। इस रूप में माता सरस्वती के हाथ में वीणा, शंख पुस्तक आदि हैं। माता यहां आशीर्वाद देने की मुद्रा में है। यह मंदिर कई तरह से चमत्कारों के लिए जाना जाता है। माता के इस मंदिर की सर्वाधिक प्रसिद्धी नौकरी और संतान के लिए है। यहां के पुजारी बताते हैं, कि इस मंदिर को लेकर काफी आस्था है। माता चमत्कार करने वाली है। मंदिर में जो कोई भी मन से आता है, वह कभी खाली हाथ नहीं लौटता। वैसे, तो मंदिर आने वाले की हर मन्नत पूरी होती है, किंतु सबसे ज्यादा हमने देखा है कि जिसने भी यहां नौकरी के लिए पूजा की, संतान के लिए पूजा की, उसकी मन्नत पूरी हुई है।

तीनों प्रहर बदलता है माता का रूप

माता सरस्वती की यह प्रतिमा करीब 4 फीट की है। माता की अष्टधातु की इस प्रतिमा के रूप तीन प्रहर बदलते हैं। पुजारी की माने, तो सुबह में माता बाल रूप में, दोपहर में युवा रूप में और संध्या होते ही प्रौढ़ रूप में दर्शन देती हैं। यह चमत्कार मैं रोज देखता हूँ। पुजारी के अनुसार माता के दर्शन से भक्त तर जाते हैं। यह एक गुप्त मंदिर है क्योंकि इस मंदिर के बारे में हर किसी को पता नहीं चल पाता है। यह ऐसे स्थान पर ही है, कि यहां आसानी से लोग नहीं पहुंच पाते हैं। पुजारी बताते हैं, ऐसे कई लोग हैं, जिनके बारे में वह कह सकते हैं कि उन्होंने यहां आकर पूजा की, मन्नत रखी और उनकी मन्नत नौकरी के रूप में या संतान के प्राप्ति के रूप में पूरी हुई। माता के प्रतिमा को छूने के दौरान छन-छन की आवाज भी आती है। यदि हल्का झटका देकर माता की प्रतिमा स्पर्श की जाए, तो छन-छन की आवाज आती है। माता की इस प्रतिमा के अनेकानेक चमत्कार हैं।

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काफी संख्या में पहुँचते हैं लोग, नौकरी और बच्चे की मनोकामना होती है पूरी

इस मंदिर में पूजा करने के लिए काफी संख्या में युवा पहुंचते हैं। युवा यहां नौकरी की मन्नत को लेकर पहुंचते हैं। इस संबंध में यहां पूजा करने पहुंचे युवक जतन शर्मा ने बताया, कि वह सरस्वती माता के मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचे हैं। सकी जॉब नहीं लग रही है। यहां के बारे में सुना है कि यहां पूजा करने से जॉब लग जाती है। मैंं खूब मेहनत करता हूं, लेकिन जाॅब नहीं लग रही है। ऐसे में मैंने माता का दर्शन किया है और जाॅब के लिए मन्नत मांगी है। जतन शर्मा ने बताया कि यहां काफी दूर-दूर से लोग माता के दर्शन के लिए आते हैं। इस  मंदिर की प्रसिद्ध देश भर में है।

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आशीष कुमार की रिपोर्ट

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