Ranchi Sadar Hospital:रांची सदर अस्पताल में प्रसव के बाद सीएचओ प्रतिमा कुमारी की मौत। इलाज में लापरवाही के आरोप, सिविल सर्जन ने जांच कमेटी गठित की।
Ranchi Sadar Hospital रांची: कांके प्रखंड के कुम्हरिया में पदस्थापित कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर प्रतिमा कुमारी की गंभीर स्थिति में इलाज के दौरान मौत हो गई। 21 जनवरी को प्रसव पीड़ा के बाद उन्हें रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डिलीवरी के दौरान हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें रिम्स रेफर किया, जहां 72 घंटे तक वेंटिलेटर पर इलाज चलने के बावजूद शनिवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। हालांकि उन्होंने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है, जो सुरक्षित बतायी जा रही है।
Ranchi Sadar Hospital: प्लेसेंटा प्रिक्रेटा बना मौत की वजह
सदर अस्पताल में ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों के अनुसार, प्रतिमा कुमारी को प्लेसेंटा प्रिक्रेटा की गंभीर समस्या थी। सर्जरी के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया, जिससे ऑपरेशन थिएटर में हालात संभालना मुश्किल हो गया। ब्लड बैंक से रक्त मंगाकर स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की गई, लेकिन मरीज की हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। इसके बाद कार्डियक एंबुलेंस से आनन फानन में उन्हें रिम्स रेफर किया गया।
Key Highlights
प्रसव के बाद सीएचओ प्रतिमा कुमारी की इलाज के दौरान मौत
सदर अस्पताल और रिम्स में चला लंबा इलाज
प्लेसेंटा प्रिक्रेटा के कारण सर्जरी के दौरान बिगड़ी हालत
इलाज में लापरवाही के आरोप, महिला सीएचओ का विरोध
सिविल सर्जन ने बाहरी अधिकारियों वाली जांच कमेटी बनायी
Ranchi Sadar Hospital: 72 घंटे वेंटिलेटर पर इलाज, नहीं बच सकी जान
रिम्स में भर्ती कराने के बाद मरीज को वेंटिलेटर पर रखा गया। एनेस्थीसिया सर्जन डॉ सबरीना कमाल के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने इलाज किया और पूरे ऑपरेशन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करायी गयी। इसके बावजूद मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गयी और 72 घंटे तक गहन चिकित्सा कक्ष में इलाज के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
Ranchi Sadar Hospital: महिला सीएचओ का हंगामा, जांच कमेटी गठित
मौत की खबर फैलते ही राज्यभर की महिला सीएचओ में आक्रोश फैल गया। सोशल मीडिया ग्रुपों में आरोप लगाए गए कि गंभीर स्थिति के बावजूद मरीज को समय पर हायर सेंटर रेफर नहीं किया गया और इलाज में देरी हुई। शनिवार को रांची जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में महिला सीएचओ सदर अस्पताल पहुंचीं और हंगामा करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की। इसके बाद सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने जांच कमेटी गठित करने का निर्देश दिया। चूंकि मामला सदर अस्पताल से जुड़ा है, इसलिए जांच कमेटी में बाहर के वरिष्ठ पदाधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
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