रांची में 7 फरवरी को राजभवन के समक्ष आदिवासी संगठनों का धरना प्रदर्शन होगा। सोमा मुंडा हत्याकांड में न्याय और आदिवासी अधिकारों के हनन के खिलाफ आंदोलन का ऐलान।
Rajbhavan Protest:वार्षिक बैठक में लिया गया आंदोलन का निर्णय
रांची: रांची में संयुक्त पढ़ा समिति और संयुक्त आदिवासी समन्वय समिति कुंटी की वार्षिक बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से 7 फरवरी को राजभवन के समक्ष शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करने का निर्णय किया गया। इस आंदोलन के जरिए राज्य सरकार और प्रशासन का ध्यान आदिवासी समाज से जुड़े गंभीर मुद्दों की ओर आकर्षित करने की रणनीति बनाई गई है।
Key Highlights
7 फरवरी को राजभवन के समक्ष आदिवासी संगठनों का धरना
संयुक्त पढ़ा समिति और आदिवासी समन्वय समिति ने लिया फैसला
सोमा मुंडा हत्याकांड में न्याय न मिलने पर जताई नाराजगी
सरकार और प्रशासन पर असंवेदनशीलता का आरोप
आदिवासी अधिकारों के हनन के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन
Rajbhavan Protest:सोमा मुंडा हत्याकांड पर सरकार से जवाबदेही की मांग
बैठक में पढ़ा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड प्रकरण पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि शहीद सोमा मुंडा के परिवार को अब तक पूर्ण न्याय नहीं मिल पाया है, जो सरकार और प्रशासन की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। आदिवासी संगठनों ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
Rajbhavan Protest:आदिवासी अधिकारों के हनन के खिलाफ उठेगी आवाज
धरना प्रदर्शन के माध्यम से आदिवासी समाज पर हो रहे अत्याचार, अधिकारों के हनन और संवैधानिक प्रावधानों की अनदेखी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। संगठनों का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन इसमें आदिवासी समाज की एकजुटता और अधिकारों की मजबूत आवाज देखने को मिलेगी।
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