रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बजट पूर्व गोष्ठी को लेकर आज यानी 29 जनवरी को रांची में संबोधन किया। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कहा कि आज का बजट कैसा हो इसको लेकर चर्चा हुई। सीएम हेमंत ने कहा कि ऑनलाइन सुझाव भी मांगे गए हैं और कई संस्थानों से परामर्श भी लिए गए हैं। झारखंड प्रदेश देश के अलग- अलग राज्यों में अलग-अलग अर्थव्यवस्था, कार्यशैली और व्यवास्थाओं के साथ रहती है।
हर राज्य का आगे ले जाने के अलग-अलग तरीके होते हैं – CM हेमंत सोरेन
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि हर राज्य का आगे ले जाने के अलग-अलग तरीके होते हैं। झारखंड अत्यंत छोटा राज्य है। उन्होंने कहा कि माइन्स और मिनरल्स खनन यहां बड़े पैमाने पर होता है। अर्थव्यवस्था को कैसे ठीक करें राज्य सरकार काम कर रही है। सरकार बेहतर सुविधा आर्थिक समृद्धि को आगे बढ़ा रही है। एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के बजट पर हमलोग हैं और ये आने वाले समय में इसमें और इजाफा होगा क्योंकि डिमांड ऐसे हैं।
CM हेमंत ने कहा- विदेश दौरे के बाद वापस लौटा हूं, वहां के लोगों के जीवनशैली के बारे में अध्ययन किया है
उन्होंने कहा कि विदेश दौरे के बाद वापस लौटा हूं और वहां लोगों के जीवनशैली को ध्यान से देखा। हेमंत सोरेन ने कहा कि वहां के किसान और उद्योग कैसे विकसित हो रहे हैं। पर्यटन के अलावा अलग-अलग क्षेत्रों में अलग काम होता है। आर्थिक समृद्धि का योगदान होता है। क्योंकि वहां रिसोर्सेज अधिक होते हैं। विगत दिनों टारगेट के साथ काम करना शुरू किया है। स्पोर्ट्स, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में फोकस किया जा रहा है।
पैसा कहा से आएगा ये सवाल उठता है। शहरीकरण बढ़ रहा है। शहर को अपने पैरो पर कैसे खड़ा करना है ये भी सवाल सभी के मन में है। इस तरीके से एक आम नागरिक का विचार है। यह विचार साइकिल है जो चलेगा तो अर्थव्यवस्था को उसी प्रकार चालान पड़ेगा।

राज्य की समस्या को लेकर सरकार गंभीर है – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री हेमंत ने कहा कि राज्य की जो भवनाए हैं, जो रहन सहन है उसमें कैसे सहयता कर पाए इसको लेकर सरकार गंभीर है। आने वाले समय में बड़े पैमाने में काम होगा, प्राकृतिक संसाधन हमारे पास है। जमीन है जिसमें हम कई बार खेती कर सकते हैं लेकिन संसाधन के अभाव में हम पीछे हो जाते हैं। टूरिज्म, कृषि और स्पोर्ट्स पर हमारा फोकस है। आधारभूत संरचना पर भी हमारा फोकस है। मगर इस सबके लिए पैसे की जरूरत है। अपनी अर्थव्यवस्था को इसे ध्यान में रखकर ही बढ़ना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा- कृषि में हम नए प्रयोग कर रहे हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि में हम नए प्रयोग कर रहे हैं उससे फायदा मिल रहा है। हम अपने प्राकृतिक संसाधनों का पूरा इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। नए जनरेशन को स्कूल और नया सुविधाएं चाहिए। परंपरागत उद्यम को भी बढ़ावा देना होगा। परंपरागत लाह और तशर जैसे औद्योगिक उत्पादों की बेहतरी के लिए भी अभी काम करना है। आज जिस देश में कोकोन होता ही नहीं है लेकिन सिल्क होता है तो वो राज्य बेहतर कहा जाता है। वो जो कमियां है उसे हमारे यहां भरने की जरूरत है।

‘अपनी राज्य के इकोसिस्टम, रोजगार व समृद्धि के लिए क्या-क्या किया जा सकता है उस पर मजबूत रुपरेखा के साथ आगे जाएंगे’
हेमंत सोरेन ने कहा कि अपनी राज्य के इकोसिस्टम, रोजगार और समृद्धि के लिए क्या-क्या किया जा सकता है उस पर मजबूत रुपरेखा के साथ आगे जाएंगे। हमें भी थोड़ा अपने लोगों को सरकार के बजट के साथ जोड़ना होगा उन्हें जिम्मेदारी देनी होगी। जिन देशों में मैं गया था वहां के लोग सरकार के योजना का भरपूर उपयोग करते हैं। हर चीज में वहां के लोग आर्थिक सहयोग करते हैं।
अलग-अलग विभाग में वित्त और बजट के अनुरूप को जिम्मेदारी मिलती है। उसमें बेहतर आम लोगों के सपोर्ट में डाल पाए यह प्रयास रहेगा। अभी हमलोग कई चीजों में पीछे हैं क्योंकि राज्य बने ज्यादा वक्त नहीं बिता है। कई विभाग में अधिकारियों की कमी है उसे भरने की कोशिश को जाएगी। जितनी भी सलाह आए हैं। इस बार एक मजबूत बजट के साथ 2026 के साल को आगे बढ़ाएंगे। सभी विषय पर मजबूती से काम करेंगे।
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