रांची-लोहरदगा-टोरी रेलखंड के कोयल नदी पुल में दरार से ट्रेन सेवा प्रभावित। 15 मार्च के बाद परिचालन बहाल करने की योजना, स्टील गार्डर लगाया जाएगा।
Koyal River Bridge Crack रांची: रांची रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले रांची-लोहरदगा-टोरी रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन फिलहाल प्रभावित है। वटीय टापा क्षेत्र में कोयल नदी पर बने पुल संख्या 115 में दरार मिलने के बाद रेलवे ने इस मार्ग पर सीधी ट्रेन सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी है। अधिकारियों के अनुसार 15 मार्च के बाद स्थिति सामान्य करने की योजना है।
Koyal River Bridge Crack:कोयल नदी पुल में दरार, टोरी तक सीधी सेवा बंद
रांची रेल मंडल के इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर स्थित कोयल नदी के पुल संख्या 115 के पिलर संख्या चार और पांच के बीच दरार पाई गई है। यह पुल नागजुआ और लोहरदगा स्टेशन के बीच स्थित है। दरार मिलने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर इस मार्ग पर टोरी तक सीधी ट्रेन सेवा फिलहाल रोक दी गई है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पुल की मरम्मत और री लॉन्चिंग का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिचालन तब तक बहाल नहीं किया जाएगा जब तक संरचना पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाती।
Key Highlights
कोयल नदी के पुल संख्या 115 में दरार मिलने से ट्रेन सेवा प्रभावित
नागजुआ और लोहरदगा के बीच टोरी तक सीधी सेवा अस्थायी रूप से बंद
क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाकर स्टील गार्डर लगाया जाएगा
रायपुर से 350 टन क्षमता की क्रेन मंगाई गई
15 मार्च के बाद परिचालन बहाल करने की योजना
Koyal River Bridge Crack:स्टील गार्डर लगेगा, 350 टन क्रेन मंगायी गई
पुल की मरम्मत के लिए क्षतिग्रस्त हिस्से को डायमंड कटर से काटकर हटाया जाएगा और उसकी जगह स्टील गार्डर लगाया जाएगा। इस कार्य के लिए रायपुर से 350 टन क्षमता वाली भारी क्रेन मंगाई गई है। इंजीनियरिंग टीम लगातार साइट पर तैनात है और तकनीकी निरीक्षण भी जारी है।
करुणानिधि सिंह, डीआरएम रांची रेल डिविजन ने बताया कि 15 मार्च के बाद इस रूट पर पूर्व की तरह ट्रेनों का परिचालन शुरू करने की योजना है। पुल के पिलर संख्या चार और पांच पर स्टील गार्डर लगाने के बाद ट्रेनों की आवाजाही बहाल की जाएगी।
Koyal River Bridge Crack:बड़े पुलों की जांच शुरू
इस घटना के बाद रेलवे ने पूरे रांची-लोहरदगा-टोरी रेलखंड के अन्य बड़े पुलों की भी जांच शुरू कर दी है। इंजीनियरिंग विभाग को सभी प्रमुख संरचनाओं का विस्तृत निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है, ताकि भविष्य में किसी तरह की तकनीकी समस्या से बचा जा सके।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ट्रायल रन किया जाएगा और उसके बाद ही नियमित परिचालन की अनुमति दी जाएगी।
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