पटना : शहर के गांधी मैदान में आयोजित तीन दिवसीय बागवानी महोत्सव रविवार को संपन्न हुआ। महोत्सव शहर के लोगों को बागवानी से जुड़ी योजनाओं और आधुनिक तकनीक की जानकारी दे गया। तीन दिनों के इस आयोजन में 1500 किसानों ने हिस्सा लिया और 20 लाख से अधिक का कारोबार हुआ।
समापन समारोह में कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा- यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है
रविवार को बागवानी महोत्सव के समापन समारोह में कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि यह आयोजन केवल प्रदर्शनी या विक्रय का मंच न रहकर नवाचार, आधुनिक तकनीक और किसान-समृद्धि का सशक्त संगम बना। पिछले तीन दिनों में किसानों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और सीखने की प्रवृत्ति ने बिहार की बागवानी के उज्ज्वल भविष्य को स्पष्ट किया है।

मधु और मखाना जैसे विशिष्ट क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है – राम कृपाल यादव
इस महोत्सव में लगभग 1500 किसानों की सहभागिता, शहद, मखाना, रोपण सामग्री एवं शहरी कृषि उत्पादों की सफल बिक्री ने गुणवत्ता और बाजार की मजबूत संभावनाओं को सिद्ध किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बागवानी को आय-वृद्धि, रोजगार और ग्रामीण उद्यमिता का आधार बनाने के लिए उत्पादन से विपणन तक पूरी वैल्यू-चेन पर कार्य कर रही है। मधु और मखाना जैसे विशिष्ट क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कुल 92 प्रदर्शों को प्रथम पुरस्कार, 88 प्रदर्शों को द्वितीय पुरस्कार एवं 89 प्रदर्शों को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया – कृषि मंत्री
कृषि मंत्री ने बताया कि कुल 92 प्रदर्शों को प्रथम पुरस्कार, 88 प्रदर्शों को द्वितीय पुरस्कार एवं 89 प्रदर्शों को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रथम पुरस्कार के रूप में चार लाख 60 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार के रूप में तीन लाख 52 हजार रुपए एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में दो लाख 67 हजार रुपए सभी चयनित प्रदर्शों के लिए प्रदान किया गया। तीन लाख रुपए की पुरस्कार प्राप्त कर भागलपुर जिला प्रथम, दो लाख 22 हजार रुपए के साथ वैशाली जिला द्वितीय एवं 67 हजार रुपए के पुरस्कार के साथ पूर्णियां जिला तीसरे स्थान पर रहा।

महोत्सव के दौरान किसानों के ज्ञानवर्द्धन के लिए प्रमुख वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों के द्वारा तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया
महोत्सव के दौरान किसानों के ज्ञानवर्द्धन के लिए प्रमुख वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों के द्वारा तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें मखाना उत्पादन तकनीक, प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं विपणन, आधुनिक खेती/बागवानी पद्धतियां, फल के पौधों के छत्रक प्रबंधन एवं फलों के तुड़ाई उपरान्त प्रबंधन एवं मूल्यवर्द्धन विषयों पर किसानों और उद्यमियों को प्रशिक्षित किया गया।

किसानों की सक्रिय भागीदारी, उत्साह और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के कारण यह महोत्सव अत्यंत सफल एवं प्रभावशाली रहा – प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल
समापन समारोह में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि किसानों की सक्रिय भागीदारी, उत्साह और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के कारण यह महोत्सव अत्यंत सफल एवं प्रभावशाली रहा। कार्यक्रम में देखने को मिली गुणवत्ता, नवाचार और बाजार-समझ को देखते हुए भविष्य में इस प्रकार के बागवानी महोत्सव वर्ष में एक से अधिक बार आयोजित किए जा सकते हैं, ताकि अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके और बागवानी को नई गति प्राप्त हो। समापन समारोह में किसान, कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी और पटना शहरवासी उपस्थित थे।
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