EPFO अप्रैल में नया UPI आधारित मोबाइल ऐप लॉन्च करेगा। इससे सदस्य सीधे बैंक खाते में PF निकासी कर सकेंगे, जबकि एक हिस्सा सुरक्षित रहेगा।
EPFO UPI App Launch : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन जल्द ही अंशधारकों के लिए बड़ी सुविधा लेकर आ रहा है। श्रम मंत्रालय की पहल पर अप्रैल में एक नया मोबाइल एप लॉन्च किया जाएगा, जिसके माध्यम से सदस्य यूपीआइ गेटवे का उपयोग कर अपने पीएफ का पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे। फिलहाल इस सेवा का परीक्षण जारी है और इसे बड़े स्तर पर लागू करने की तैयारी चल रही है।
EPFO UPI App Launch: नया UPI आधारित मोबाइल एप क्या होगा खास
नए एप के जरिये सदस्य अपनी पात्र ईपीएफ शेष राशि देख सकेंगे और उपलब्ध हिस्से को सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर पाएंगे। लेनदेन के लिए उन्हें अपने लिंक किए गए यूपीआइ पिन का उपयोग करना होगा, जिससे सुरक्षित और तेज भुगतान सुनिश्चित होगा।
इस सुविधा से छह से सात दिन तक चलने वाली निकासी प्रक्रिया काफी हद तक कम समय में पूरी हो सकेगी। साथ ही, पासबुक बैलेंस चेक करने जैसी अन्य सेवाएं भी इसी एप पर उपलब्ध रहेंगी।
अप्रैल में EPFO का नया UPI आधारित मोबाइल एप लॉन्च होने की संभावना
सदस्य सीधे बैंक खाते में PF राशि ट्रांसफर कर सकेंगे
पासबुक बैलेंस और अन्य सेवाएं भी एप पर उपलब्ध होंगी
यूएएन पोर्टल और उमंग एप की सेवाएं जारी रहेंगी
ईपीएफ राशि दो हिस्सों में बंटेगी, एक हिस्सा सुरक्षित रहेगा
EPFO UPI App Launch: मौजूदा व्यवस्था रहेगी जारी
वर्तमान में सदस्य यूएएन पोर्टल और उमंग एप के माध्यम से अपने ईपीएफ खाते तक पहुंचते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये दोनों प्लेटफॉर्म पहले की तरह काम करते रहेंगे। नया मोबाइल एप केवल एक फास्ट ट्रैक विकल्प के रूप में जोड़ा जाएगा, ताकि निकासी प्रक्रिया को और अधिक सरल और त्वरित बनाया जा सके।
EPFO UPI App Launch: पूरा फंड नहीं होगा उपलब्ध, दो हिस्सों में बंटेगी राशि
नई व्यवस्था के तहत मेंबर्स को पूरा फंड निकालने की अनुमति नहीं होगी। ईपीएफ राशि को दो हिस्सों में विभाजित किया जाएगा।
पहला हिस्सा सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा बनी रहे। दूसरा बड़ा हिस्सा यूपीआइ के माध्यम से बैंक खाते में निकासी के लिए उपलब्ध होगा। इस कदम का उद्देश्य लंबी अवधि की बचत को सुरक्षित रखते हुए जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत उपलब्ध कराना है।
सरकार का मानना है कि इससे डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा और ईपीएफ निकासी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होगी।
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