पटना : मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत सोमवार को सीएम नीतीश कुमार द्वारा 25 लाख महिला लाभुकों के खातों में प्रति लाभुक 10-10 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। अब तक इस योजना में सरकार की तरफ से महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में अबतक 18 हजार 100 करोड़ रुपए की राशि भेजी जा चुकी है। राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें रोजगार मुहैया कराने के लिए यह कवायद की जा रही है।
अलग-अलग समय में भेजी गई इस राशि से बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपना खुद का रोजगार शुरू भी कर लिया है – CM नीतीश कुमार
बिहार सरकार की ओर से इससे पहले भी 26 सितंबर के बाद तीन, छह, 24 अक्तूबर और 28 नवंबर तक एक करोड़ 46 लाख 57 हजार महिलाओं के खातों में 15 हजार 600 करोड़ रुपए भेजी जा चुकी है। अलग-अलग समय में भेजी गई इस राशि से बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपना खुद का रोजगार शुरू भी कर लिया है और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हैं।

CM नीतीश के साथ दोनों डिप्टी सीएम के साथ कई मंत्री रहे मौजूद
इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री सह जल संसाधन व भवन निर्माण मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास एवं परिवहन विभाग मंत्री श्रवण कुमार व अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 2,500 करोड़ का हस्तांतरण…
बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत 25 लाख नवचयनित महिला लाभुकों को 10 हजार प्रति लाभुक की दर से कुल 2,500 करोड़ की राशि हस्तांतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने जोर दिया कि सरकार का लक्ष्य हर परिवार की एक महिला को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है।

सम्राट चौधरी ने बताया- रोजगार से आत्मनिर्भरता तक का रोडमैप
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने योजना की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए कहा कि शुरुआती 10 हजार की सहायता महिलाओं को अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने का अवसर देती है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से दो लाख तक की अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार महिलाओं के उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करने के लिए हाट-बाजार और स्थानीय विपणन ढांचे का भी विकास कर रही है, ताकि आय के स्थायी स्रोत बन सकें।

महिला सशक्तिकरण की नई कहानी लिखता बिहार
सम्राट चौधरी ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने का माध्यम है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएं उद्यमिता की ओर बढ़ेंगी। राज्य सरकार का विश्वास है कि यह पहल बिहार में महिला नेतृत्व वाले सूक्ष्म उद्यमों की नई लहर पैदा करेगी, जो परिवार और प्रदेश दोनों की आर्थिक मजबूती में अहम भूमिका निभाएगी।

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