Saudi Arabia Shooting Case: सऊदी अरब में गोली से मारे गए गिरिडीह के प्रवासी मजदूर विजय महतो का शव तीन माह बाद रांची पहुंचा। परिजनों ने इंसाफ की मांग पर धरना का ऐलान किया।
Saudi Arabia Shooting Case गिरिडीह: गिरिडीह के डुमरी प्रखंड अंतर्गत दुधपनिया निवासी प्रवासी मजदूर विजय कुमार महतो की सऊदी अरब में गोली लगने से हुई मौत के करीब साढ़े तीन महीने बाद उनका शव झारखंड लाया गया। शनिवार देर शाम शव रांची पहुंचा, लेकिन परिजनों ने उसे लेने से साफ इंकार कर दिया। परिवार ने प्रशासन पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए इंसाफ की मांग तेज कर दी है।
Saudi Arabia Shooting Case: सऊदी अरब में गोली लगने से हुई थी मौत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विजय कुमार महतो सऊदी अरब में Hyundai Engineering & Construction कंपनी में कार्यरत थे। 15 अक्टूबर 2025 को उन्हें गोली लगी थी। गंभीर रूप से घायल विजय का इलाज चल रहा था, लेकिन 24 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से परिजन लगातार न्याय और उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे।
करीब तीन महीने की प्रक्रिया के बाद शव भारत लाया गया और शनिवार को रांची पहुंचा। हालांकि, परिजनों ने प्रशासनिक प्रक्रिया और मामले की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए शव लेने से मना कर दिया।
Key Highlights
सऊदी अरब में 15 अक्टूबर को गोली लगने से घायल हुए विजय महतो की 24 अक्टूबर को मौत
करीब साढ़े तीन महीने बाद शव झारखंड लाया गया
रांची पहुंचने के बाद परिजनों ने शव लेने से किया इंकार
इंसाफ और मुआवजे की मांग को लेकर धरना देने का ऐलान
विधायक और राज्यपाल से भी परिजन कर चुके हैं मुलाकात
Saudi Arabia Shooting Case: इंसाफ नहीं मिलने तक धरना देने का ऐलान
मृतक के पिता सूर्य नारायण महतो ने स्पष्ट कहा कि उनका परिवार न्याय चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में उनके साथ धोखा हुआ है। उनका कहना है कि जब तक उन्हें संतोषजनक जवाब और न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे डुमरी अनुमंडल कार्यालय के समक्ष धरना देंगे।
परिजनों के अनुसार, प्रशासन ने शनिवार को शव पहुंचने की सूचना दी थी, लेकिन वे बिना स्पष्ट जवाब और कार्रवाई के शव स्वीकार नहीं करेंगे। परिवार का दावा है कि पूरे समाज का समर्थन उन्हें मिल रहा है।
Saudi Arabia Shooting Case: विधायक और राज्यपाल से भी हुई मुलाकात
इस मामले को लेकर स्थानीय विधायक Jairam Mahato ने भी हस्तक्षेप किया था। उन्होंने शव को भारत लाने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की थी।
परिजनों ने झारखंड के राज्यपाल Santosh Kumar Gangwar से भी मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी। अब शव झारखंड पहुंच चुका है, लेकिन न्याय और मुआवजे की मांग पर परिवार अडिग है।
फिलहाल, परिजनों के धरना देने के ऐलान के बाद प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर टिकी हुई है।
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