High Court का बड़ा आदेश: झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2025 में उम्र सीमा छूट मामले में याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी। विशेष पोर्टल बनाकर आवेदन लेने का निर्देश।
High Court का बड़ा आदेश रांची: झारखंड उच्च न्यायालय ने जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2025 में उम्र सीमा में छूट को लेकर दायर 16 रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने याचिकाकर्ताओं को परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति देते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग को विशेष पोर्टल तैयार करने का निर्देश दिया है।
High Court का बड़ा आदेश:उम्र सीमा पार अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत
अदालत ने प्रार्थियों का पक्ष सुनने के बाद अंतरिम राहत देते हुए कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने उम्र सीमा में छूट की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया है, उनके ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएं। आयोग को निर्देश दिया गया है कि ऐसे सभी याचिकाकर्ताओं के लिए अलग से विशेष ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जाए, ताकि वे अपना आवेदन जमा कर सकें।
Key Highlights
हाईकोर्ट ने उम्र सीमा छूट मामले में याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी
जेपीएससी को विशेष पोर्टल बनाकर आवेदन स्वीकार करने का निर्देश
अभ्यर्थियों को पीटी और मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति
परिणाम अदालत की अनुमति के बिना प्रकाशित नहीं होंगे
राज्य सरकार और जेपीएससी से शपथ पत्र के माध्यम से जवाब मांगा गया
High Court का बड़ा आदेश:पीटी और मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति
अदालत ने स्पष्ट किया है कि याचिकाकर्ताओं को प्रारंभिक परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। यदि वे प्रारंभिक परीक्षा में सफल होते हैं, तो उन्हें मुख्य परीक्षा में भी शामिल होने का अवसर मिलेगा। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन अभ्यर्थियों के परीक्षा परिणाम, प्रारंभिक परीक्षा सहित, अदालत की अनुमति के बिना प्रकाशित नहीं किए जाएंगे।
High Court का बड़ा आदेश:राज्य सरकार और जेपीएससी से जवाब तलब
मामले में अदालत ने राज्य सरकार और जेपीएससी को शपथ पत्र दायर करने का निर्देश दिया है। साथ ही सभी याचिकाओं को किशोर कुमार मंडल से संबंधित मामले के साथ टैग करने का आदेश दिया गया है। अगली सुनवाई के लिए अदालत ने एक अप्रैल की तिथि निर्धारित की है।
इस प्रकरण में शांता कुमारी एवं अन्य 350 से अधिक अभ्यर्थियों की ओर से अलग-अलग 16 रिट याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स, राजेश कुमार, कुमार हर्ष और शुभम मिश्रा ने पक्ष रखा, जबकि आयोग की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल, प्रिंस कुमार, जय प्रकाश और राकेश रंजन ने दलीलें पेश कीं।
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