JPSC APP Exam 2025 Update: जेपीएससी एपीपी परीक्षा 2025 में 5 प्रश्नों के सभी विकल्प गलत पाए गए। आयोग ने संशोधित मॉडल उत्तर जारी कर अभ्यर्थियों को पूरे अंक देने का फैसला किया।
JPSC APP Exam 2025 Update रांची: रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक लोक अभियोजक के 160 पदों के लिए आयोजित लिखित परीक्षा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। परीक्षा के पांच प्रश्नों में दिए गए सभी विकल्प गलत पाए गए हैं। आयोग ने इन प्रश्नों के लिए अभ्यर्थियों को पूरे अंक देने का निर्णय लिया है। प्रति प्रश्न दो अंक निर्धारित हैं, जिससे परीक्षार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
JPSC APP Exam 2025 Update:पांच प्रश्नों के सभी विकल्प गलत
झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक लोक अभियोजक के 160 पदों में 134 नियमित और 26 बैकलॉग पद शामिल हैं। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई थी। आयोग की समीक्षा में पाया गया कि पांच प्रश्नों के लिए दिए गए सभी विकल्प त्रुटिपूर्ण थे। ऐसे में इन प्रश्नों के पूरे दो-दो अंक सभी अभ्यर्थियों को प्रदान किए जाएंगे।
Key Highlights:
एपीपी परीक्षा के 5 प्रश्नों के सभी विकल्प गलत पाए गए।
प्रति प्रश्न दो अंक, सभी अभ्यर्थियों को पूरे अंक मिलेंगे।
कुल 15 प्रश्नों के उत्तर संशोधित किए गए।
कुछ प्रश्नों में एक से अधिक विकल्प सही घोषित।
20 दिसंबर 2025 को आयोजित हुई थी लिखित परीक्षा।
JPSC APP Exam 2025 Update: 15 प्रश्नों के उत्तर संशोधित
आयोग ने 20 दिसंबर 2025 को लिखित परीक्षा आयोजित की थी। इसके बाद मॉडल उत्तर जारी कर एक मार्च 2026 तक अभ्यर्थियों से आपत्ति और सुझाव मांगे गए थे। प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा के बाद आयोग ने सोमवार को अंतिम संशोधित मॉडल उत्तर जारी कर दिया।
संशोधित उत्तर के अनुसार कुल 15 प्रश्नों के उत्तर बदले गए हैं। दो प्रश्नों में एक से अधिक विकल्प सही पाए गए हैं।
JPSC APP Exam 2025 Update: पेपर-1 और पेपर-2 में क्या बदलाव
एपीपी बैकलॉग पद के लिए आयोजित परीक्षा में पेपर-1 के सात उत्तर संशोधित किए गए हैं, जबकि पेपर-2 में तीन उत्तर बदले गए। दो प्रश्नों में सभी विकल्प गलत पाए गए।
वहीं नियमित नियुक्ति के लिए पेपर-1 में एक प्रश्न के दो विकल्प सही पाए गए और एक उत्तर संशोधित किया गया। दो प्रश्नों के सभी विकल्प गलत पाए गए।
पेपर-2 में एक प्रश्न के तीन विकल्प सही पाए गए, छह उत्तर संशोधित किए गए और एक प्रश्न के सभी विकल्प गलत पाए गए।
आयोग के इस निर्णय से अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब अंतिम परिणाम की प्रक्रिया संशोधित मॉडल उत्तर के आधार पर आगे बढ़ेगी।
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