बिहार में मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत 2,078 ग्रामीण बसावटों तक पक्की सड़क पहुंची। 8,033 किमी सड़कों के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति मिली।
Rural Development पटना: बिहार के ग्रामीण इलाकों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार की पहल तेज़ी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत अब तक राज्य की 2,078 बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ा जा चुका है। ग्रामीण कार्य विभाग के अनुसार इस योजना के माध्यम से उन ग्रामीण टोलों और बसावटों तक सड़क पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जहां 100 या उससे अधिक आबादी होने के बावजूद अब तक सड़क संपर्क उपलब्ध नहीं था।
इस योजना के लागू होने से वर्षों से पक्की सड़क की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीण इलाकों में आवागमन आसान हुआ है और स्थानीय लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। सड़क निर्माण से शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच भी पहले की तुलना में अधिक सुगम हुई है।
Key Highlights
मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना से 2,078 बसावटें पक्की सड़क से जुड़ीं
सर्वे के जरिए राज्यभर में 11,020 बिना संपर्क वाली बसावटों की पहचान
8,033 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति
अब तक 2,210 किलोमीटर पक्की सड़क का निर्माण पूरा
पूर्वी चंपारण में सबसे अधिक 239 बसावटों को सड़क से जोड़ा गया
Rural Development: मोबाइल ऐप से सर्वे कर चिन्हित की गईं 11 हजार बसावटें
ग्रामीण कार्य विभाग ने राज्य के सभी जिलों में छूटे हुए टोलों और बसावटों की पहचान के लिए विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से व्यापक सर्वेक्षण कराया। इस सर्वे के आधार पर राज्यभर में कुल 11,020 ऐसी बसावटों की पहचान की गई है, जो अब तक मुख्य मार्गों से नहीं जुड़ी थीं।
इन सभी बसावटों को बारहमासी सड़क संपर्क देने के उद्देश्य से विभाग ने कुल 14,002 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण का लक्ष्य तय किया है।
Rural Development: 8,033 किलोमीटर सड़कों के निर्माण को मिली मंजूरी
योजना को जमीन पर उतारने के लिए तेजी से प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अब तक कुल 6,076 बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ने की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। इसके तहत 8,033.23 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जाना है।
इन स्वीकृत परियोजनाओं में से अब तक 2,078 बसावटों तक पक्की सड़क का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इसके तहत करीब 2,210 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण सुनिश्चित किया गया है।
Rural Development: पूर्वी चंपारण में सबसे अधिक बसावटें सड़क से जुड़ीं
जिलावार प्रदर्शन की बात करें तो पूर्वी चंपारण इस योजना के क्रियान्वयन में सबसे आगे है। यहां 239 बसावटों को करीब 300 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क से जोड़ा जा चुका है।
इसके अलावा कैमूर में 195, औरंगाबाद में 161 और गया जिले में 149 बसावटों तक सड़क संपर्क सुनिश्चित किया गया है। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है और गांवों की बाजारों व शहरों से कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है।
ग्रामीण कार्य विभाग ने कहा है कि शेष बची हुई बसावटों तक भी निर्धारित समयसीमा के भीतर पक्की सड़क पहुंचाने का काम जारी रहेगा।
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