Patna: पुराना सचिवालय स्थित राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कार्यालय कक्ष में शनिवार को पटना जिले के अपर समाहर्ता, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अंचलाधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभाग के प्रधान सचिव सी. के. अनिल ने की। इस दौरान राजस्व से संबंधित विभिन्न सेवाओं की प्रगति और लंबित मामलों की स्थिति की सख्ती से समीक्षा की गई।
लंबित मामलों पर प्रधान सचिव की नाराजगी
बैठक में परिमार्जन प्लस के लंबित आवेदनों, दाखिल-खारिज और अपील वादों, बिहार भूमि विवाद निवारण अधिनियम, 2009 के तहत लंबित मामलों, लगान की अद्यतन स्थिति, सैरात बंदोबस्ती तथा राजस्व पदाधिकारियों के क्षेत्र में लंबित प्रकरणों के निष्पादन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
26 अधिकारियों की टीम करेगी औचक निरीक्षण
प्रधान सचिव अनिल ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आम जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने और राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी एवं संवेदनशील बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग कर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम लोगों को समय पर न्याय और सुविधा मिल सके।
समीक्षा के दौरान प्रधान सचिव ने अधिकारियों को इस माह राजस्व लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लगान वसूली सहित अन्य राजस्व से जुड़े लक्ष्यों को गंभीरता से लेते हुए तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। बैठक के उपरांत मुख्यालय स्तर से 26 अधिकारियों की टीम गठित कर अंचल एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालयों का औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। सभी निरीक्षण करने वाले अधिकारियों को सोमवार तक अपनी निरीक्षण रिपोर्ट मुख्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया है।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में सचिव गोपाल मीणा, सचिव जय सिंह, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत, अपर सचिव आजीव वत्सराज, उप निदेशक मोना झा सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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